हरियाणा के नूंह में दो साल बाद फिर भड़की हिंसा, गाड़ी खड़ी करने के विवाद से भड़ककर दंगे का रूप लिया मामला
हरियाणा के नूंह जिले में दो साल बाद फिर दंगे की आग भड़क उठी है। शुरूआती विवाद एक गाड़ी सड़क पर खड़ी करने को लेकर हुआ, जो बाद में बड़ी हिंसा में बदल गया। आरोप है कि मस्जिद से बुलावा देकर भीड़ को इकट्ठा किया गया और उन्होंने मकानों व दुकानों की छतों से पथराव किया। भीड़ ने कांच की बोतलें फेंकी, बाइक और झुग्गी जैसी दुकानों को आग के हवाले कर दिया। दंगाइयों ने पुलिस के सामने भी जमकर उत्पात मचाया, जबकि पुलिस कुछ कर पाने में असमर्थ नजर आई।
इस हिंसा के पीछे जातीय रंजिश का आरोप भी लगा है, खासकर 2023 के नूंह दंगों के संदर्भ में।
घटना का कारण और विस्तार
नूंह के एक गांव में हाजीपुर निवासी इसरा के बेटे ने सड़क के बीच अपनी गाड़ी खड़ी की थी। इसी बात पर गांव के रहने वाले समय सिंह ने गाड़ी हटाने को कहा। बातचीत के बाद विवाद बढ़ा और कार में बैठे युवक ने समय सिंह पर कांच की बोतल से हमला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। सरपंच रामसिंह सैनी के मुताबिक, इस झड़प में करीब 10 लोग घायल हुए हैं।

आरोप है कि इस विवाद को हिंदू-मुस्लिम रंग देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने समय रहते नियंत्रण कर स्थिति संभाली।
आरोपियों ने अपने परिवार और गांव के कई लोगों को बुलाया
समय सिंह ने बताया कि आरोपियों ने अलवर (राजस्थान) के हाजीपुर गांव से कई लोग बुला लिए थे, जो लाठी-डंडों से लैस थे। उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों पर भी हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
मस्जिद से ऐलान कर भीड़ जुटाई गई
मारपीट के बाद आरोपियों ने मस्जिद से ऐलान कर कई लोगों को इकट्ठा किया। भीड़ ने दुकानों और मकानों की छतों से पथराव और पत्थरबाजी की। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ उग्र होकर पुलिस के सामने ही पथराव करने लगी।
पुलिस ने स्थिति काबू में करने के लिए की कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि झगड़ा गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो युवकों के बीच शुरू हुआ था, जिसे बाद में भड़काया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, घायलों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई है, और FIR दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
2023 के नूंह दंगों की पुरानी यादें ताजा
यह हिंसा 2023 की बृजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा की यादें ताजा कर रही है, जब मुस्लिमों ने हिंदू तीर्थयात्रियों पर हमला किया था। उस समय कई गाड़ियों को आग लगी, पुलिस पर पथराव हुआ, और 7 लोग मारे गए थे। तब 61 मुकदमे दर्ज किए गए थे जिनमें कुछ पर कड़ी धाराओं जैसे UAPA भी लागू हुई थी।
स्थानीय नेता अब शांति बहाली की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसे दंगे दोबारा न हों और इलाके में अमन-चैन लौटे।
इस खबर से यह स्पष्ट होता है कि नूंह इलाके में पुरानी जातीय एवं सामाजिक टकराव की जटिलताएं अब भी बनी हुई हैं, और छोटी-छोटी घटनाएं बड़ी हिंसा का रूप ले लेती हैं। प्रशासन और समाज को मिलकर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की जरूरत है।

