सीएम डॉ. मोहन यादव के ससुर ब्रह्मादीन यादव का निधन: सुल्तानपुर में ली अंतिम सांस, रीवा में होगा अंतिम संस्कार, प्रदेशभर में शोक की लहर

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ब्रह्मादीन यादव का मंगलवार को उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर में निधन हो गया। वे 98 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। सांस व पेट संबंधी बीमारी के चलते उन्हें सुल्तानपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। हाल में सुधार के बाद उन्हें घर लाया गया था, लेकिन मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने की तैयारी हो रही थी, तभी उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवारजन फिलहाल उनका पार्थिव शरीर रीवा ले जा रहे हैं, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। ब्रह्मादीन यादव का जीवन रीवा से गहराई से जुड़ा रहा है। वे लगभग 45 वर्षों से रीवा में रह रहे थे और यहीं से उन्होंने सामाजिक व पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस समय अपनी धर्मपत्नी के साथ विदेश दौरे पर हैं। ऐसे में उनके अंतिम संस्कार में शामिल हो पाने की संभावना कम जताई जा रही है। जैसे ही उन्हें यह दुखद समाचार फोन पर दिया गया, प्रशासनिक और पारिवारिक स्तर पर शोक की लहर दौड़ गई।
प्रदेशभर से श्रद्धांजलि
ब्रह्मादीन यादव के निधन पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पूज्य ससुर जी श्री ब्रह्मादीन यादव जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”
वहीं भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा—
“विद्या भारती महाकौशल प्रांत के संगठन मंत्री रहे ब्रह्मादीन यादव जी का निधन अत्यंत दुखद है। शिक्षा क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दें।”
प्रदेशभर से भाजपा नेता, संघ के कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग शोक संदेश भेज रहे हैं और परिजनों से मिलने रीवा पहुंच रहे हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
