गर्भवती को ले जा रही एंबुलेंस उफनती नदी में फंसी, समय पर इलाज न मिलने से महिला की मौत – रीवा में दर्दनाक हादसा
रीवा (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश के रीवा जिले से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां 9 माह की गर्भवती महिला को ले जा रही एंबुलेंस उफनती महना नदी में फंस गई। नदी के तेज बहाव और बाढ़ के कारण लगभग दो घंटे तक एंबुलेंस वहीं फंसी रही, और इलाज के अभाव में महिला ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। यह घटना जिले की जवा तहसील के भनीगंवा गांव की है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, मृतिका प्रियारानी कोल, सोनू कोल की पत्नी थी और नौवें महीने की गर्भवती थी। रविवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल जवा अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस से रवाना हुए। रास्ते में महना नदी उफान पर थी, जिससे एंबुलेंस नदी पार नहीं कर सकी और वह तेज बहाव में ही फंस गई।
लगातार दो घंटे तक महिला एंबुलेंस में तड़पती रही। इस दौरान न तो कोई चिकित्सकीय सहायता मिल सकी और न ही नदी पार किया जा सका। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने एक झोलाछाप डॉक्टर को बुलाया, जिसने महिला को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। महिला के शव को किसी तरह नदी पार कर मायके से ससुराल लाया गया।
परिजनों ने बताया कि प्रियारानी का पहले से एक बेटा है और वह सुरक्षित डिलीवरी की उम्मीद में अपने मायके आई थी। लेकिन बाढ़ और प्रशासनिक लापरवाही के चलते उसे वक्त पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसकी जान चली गई।
परिजनों और ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं कि यदि क्षेत्र में बाढ़ की आशंका थी तो वैकल्पिक रास्तों या नाव की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति और प्रशासन की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना न सिर्फ एक मां और अजन्मे बच्चे की मौत है, बल्कि सिस्टम की असंवेदनशीलता और लचर आपदा प्रबंधन का जीवंत उदाहरण बन गई है।
