MP Weather Alert: मध्य प्रदेश के 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट, मानसून की एंट्री में हो रही देरी

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों से जारी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम यूं ही मेहरबान बना रहेगा। गुरुवार को भी कई जिलों में जमकर बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस प्री-मानसून बारिश के बीच संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। चेतावनी वाले जिलों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बना कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। इससे आगामी चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।
मानसून की रफ्तार धीमी, अभी महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में अटका
प्रदेश में मानसून की एंट्री को लेकर फिलहाल इंतजार करना होगा। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अभी महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में स्थिर है, और यह आगे नहीं बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में मानसून के 10 जून के बाद पहुंचने की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
बारिश के साथ ही डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को साफ-सफाई बनाए रखने और पानी जमा न होने देने की अपील की है।
