शिप्रा तीर्थ परिक्रमा की रामघाट से हुई भव्य शुरुआत, आज सीएम मोहन यादव अर्पित करेंगे मां शिप्रा को 351 फीट चुनरीविश्व पर्यावरण दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में होंगे विविध आयोजन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और पर्यावरण पुरस्कार वितरण आज

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश की धार्मिक और पर्यावरणीय चेतना को समर्पित दो बड़े आयोजन आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में भव्य रूप से संपन्न होंगे। एक ओर उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा की पवित्र यात्रा रामघाट से आरंभ हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर भोपाल में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे प्रेरणादायक अभियानों की शुरुआत होगी।
रामघाट से हुई शिप्रा तीर्थ परिक्रमा की शुरुआत, आज शामिल होंगे मुख्यमंत्री
शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का शुभारंभ बुधवार को उज्जैन के रामघाट से ध्वज पूजन के साथ हुआ। इस आध्यात्मिक यात्रा में कई संत-महात्मा, विद्वान और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। यह परिक्रमा दो दिनों तक चलेगी, जिसमें शिप्रा नदी के किनारे स्थित विभिन्न मंदिरों और तीर्थ स्थलों का दर्शन किया जाएगा।
आज 5 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस यात्रा में सम्मिलित होंगे और मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित करेंगे। इस अवसर को और भी भव्य बनाने के लिए सेना का सिंफनी बैंड, हरिकथा वाचक पं. ढोली बुवा महाराज (ग्वालियर) और प्रसिद्ध भजन गायिका स्वस्ति मेहुल (मुंबई) अपनी प्रस्तुतियां देंगी।
कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में होंगे पर्यावरण दिवस पर प्रमुख कार्यक्रम
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में आज सुबह 11 बजे से विश्व पर्यावरण दिवस के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे और “जल स्रोतों का प्रदूषण नियंत्रण” विषय पर आधारित कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे “मध्यप्रदेश वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार” का वितरण भी करेंगे।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की होगी शुरुआत
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत भी आज से होगी। इस अभियान के तहत लोगों को अपनी माताओं की स्मृति या सम्मान में वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एकीकृत पर्यावरण प्रबंधन पोर्टल का भी लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
इस वर्ष का पर्यावरण दिवस “प्लास्टिक प्रदूषण उन्मूलन” की थीम पर केंद्रित रहेगा, जिसमें जनसहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।
