अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिका में ‘एग्रो टेररिज्म’ की साजिश बेनकाब: चीनी वैज्ञानिक जोड़ा खतरनाक फंगस के साथ गिरफ्तार, जानिए क्या है कृषि आतंकवाद और कितना घातक है यह जैविक हथियार

वॉशिंगटन // अमेरिका में ‘एग्रो टेररिज्म’ यानी ‘कृषि आतंकवाद’ के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने दो चीनी नागरिकों को जैविक आतंकवाद की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला वैज्ञानिक यून्किंग जियान (33 वर्ष) और उसका बॉयफ्रेंड जुनयोंग लियू (34 वर्ष) शामिल हैं। इन दोनों पर चीन से अमेरिका में खतरनाक फंगस फ्यूजेरियम ग्रैमिनीरम की तस्करी का आरोप है।

एफबीआई के मुताबिक, यह फंगस फसलों को संक्रमित कर उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर सकता है और अरबों डॉलर के नुकसान का कारण बन सकता है। इसे कृषि आतंकवाद का हथियार यानी एग्रीकल्चर टेरर वेपन के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है ‘एग्रो टेररिज्म’ ?

एग्रो टेररिज्म का अर्थ है—जैविक या रासायनिक एजेंटों के माध्यम से कृषि प्रणाली पर हमला करना। इसका उद्देश्य किसी देश की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालना, आर्थिक संकट खड़ा करना और सामाजिक अस्थिरता फैलाना होता है। इस प्रकार के हमलों की पहचान करना बेहद कठिन होता है और लागत कम लेकिन असर व्यापक होता है। चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे जैविक हमलों को रोकने के लिए अब तक कोई मजबूत अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था नहीं है।

खतरनाक फंगस फ्यूजेरियम ग्रैमिनीरम क्या है ?

फ्यूजेरियम ग्रैमिनीरम एक घातक जैविक रोगाणु है जो मुख्यतः गेहूं, जौ, जई और मक्का जैसी अनाज वाली फसलों को संक्रमित करता है। यह फंगस फसलों में “फ्यूजेरियम हेड ब्लाइट (FHB)” या “स्कैब” नामक रोग फैलाता है जिससे न केवल पैदावार घटती है, बल्कि अनाज की गुणवत्ता भी बुरी तरह प्रभावित होती है।

इस फंगस के कारण डिऑक्सीनिवेलनॉल (DON) और ज़ेरालेनोन जैसे विष बनते हैं, जो अनाज को जहरीला बना देते हैं। इससे न केवल फसल अनुपयोगी हो जाती है, बल्कि मनुष्यों और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है—जैसे उल्टी, लीवर डैमेज और प्रजनन संबंधी समस्याएं।

चीन से मिली थी फंडिंग

जांच में खुलासा हुआ है कि जुनयोंग लियू को चीन की सरकार से रिसर्च के लिए आर्थिक मदद मिल रही थी। लियू एक चीनी विश्वविद्यालय में कार्यरत है और वहीं फ्यूजेरियम ग्रैमिनीरम पर रिसर्च कर रहा था। अमेरिका में प्रवेश के दौरान उसने पहले पूछताछ में झूठ बोला, लेकिन बाद में कबूल किया कि वह यह फंगस डेट्रॉयट मेट्रोपॉलिटन एयरपोर्ट के जरिए अमेरिका ला रहा था। यह शोध कार्य मिशिगन यूनिवर्सिटी की एक लैब में होना था, जहां उसकी गर्लफ्रेंड जियान पहले से काम कर रही थी।

गंभीर आरोपों में दर्ज हुआ मामला

दोनों चीनी नागरिकों पर अमेरिका में साजिश रचने, खतरनाक जैविक एजेंट की तस्करी, झूठे बयान देने और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आपराधिक आरोप दर्ज किए गए हैं। अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि यह साजिश चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से प्रेरित हो सकती है।

इस घटना ने वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा और जैविक हथियारों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कृषि आधारित देशों के लिए एग्रो टेररिज्म भविष्य में सबसे बड़ा जैविक खतरा बन सकता है।


Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!