4 जून महाकाल भस्म आरती: गणेश रूप में सजे बाबा महाकाल, गूंजा मंदिर ‘जय महाकाल’ के जयकारों से
विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, बुधवार सुबह, विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट प्रातः 4 बजे खोले गए, बाबा महाकाल के भव्य दर्शन को सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ पड़े।
भगवान महाकालेश्वर का सबसे पहले जल से अभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष पूजन-अभिषेक संपन्न हुआ। इसके उपरांत बाबा को भस्म अर्पित की गई — यह वही दिव्य भस्म आरती है, जिसके दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उमड़ते हैं।
इस अवसर पर महाकालेश्वर का गणेश रूप में अत्यंत आकर्षक श्रृंगार किया गया। रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रुद्राक्ष की माला, और गुलाब के फूलों से बनी मनोहारी माला से भगवान को सजाया गया। उन्हें फल और मिष्ठान्न का भोग अर्पित किया गया।
श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में जाकर अपनी मनोकामनाएं निवेदित कीं, और चारों ओर ‘जय महाकाल’, ‘हर हर शंभू’, ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष गूंजते रहे। संपूर्ण मंदिर परिसर एक दिव्य ऊर्जा और भक्ति भाव से सराबोर हो गया।
अगर आप दूर हैं, तो घर बैठे बाबा के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन ऑनलाइन माध्यम से भी किए जा सकते हैं। ज्येष्ठ माह में बाबा का यह गणेश रूपी श्रृंगार भक्तों के लिए विशेष सौभाग्य का अवसर है।
