ब्रेकिंग: पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक और हाफिज सईद के करीबी अमीर हमजा पर हमला, अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी, हालत गंभीर
इस्लामाबाद // पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ अज्ञात हमलावरों का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। अब लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक और ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जा चुके मौलाना अमीर हमजा को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी है। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हमजा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
यह हमला उस वक्त हुआ है जब पाकिस्तान में बैठे आतंकी पहले से ही खौफ के माहौल में जी रहे हैं। इससे पहले लश्कर सरगना हाफिज सईद का एक और करीबी आतंकी सैफुल्लाह भी निशाना बन चुका है। सैफुल्लाह की कुछ दिनों पहले ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद तेज हुए हमले
पाकिस्तान में आतंकियों पर हमलों का यह सिलसिला भारतीय खुफिया एजेंसियों के कथित “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद और तेज हो गया है। इन हमलों को लेकर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों में खलबली मची हुई है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, आतंकी संगठनों को खुले में न निकलने की सख्त सलाह दी गई है। आतंकी अपने ही गढ़ में अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।
ग्लोबल टेररिस्ट और लश्कर का संस्थापक
अमीर हमजा कोई आम आतंकी नहीं है, वह लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक है और उसे संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर रखा है। हाफिज सईद का बेहद करीबी माने जाने वाला हमजा आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और प्रचार तंत्र संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
सैफुल्लाह की हत्या बनी चेतावनी
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सैफुल्लाह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हाफिज सईद ने उसे बाहर न निकलने की सलाह दी थी, लेकिन उसने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और जान गंवा बैठा। अब अमीर हमजा पर हुआ हमला यह संकेत दे रहा है कि आतंकी अब पाकिस्तान में भी सुरक्षित नहीं रहे।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख को फील्ड मार्शल बनाए जाने पर उठे सवाल
इस बीच एक और अहम खबर यह है कि भारत से हारने के बाद भी पाकिस्तान सरकार ने अपने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को प्रमोशन देते हुए फील्ड मार्शल बना दिया है। शहबाज शरीफ की कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी दी है, जिस पर सोशल मीडिया पर पाकिस्तानियों ने ही सरकार की आलोचना शुरू कर दी है।
