जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव से गूंजा मंदिर परिसर, भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु
विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार 20 मई की भोर में भस्म आरती के दिव्य आयोजन में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। “जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू, ॐ नमः शिवाय” के गगनभेदी उद्घोष से मंदिर परिसर शिवमय हो उठा।
सुबह 4 बजे से पहले ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजन-अभिषेक के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर का चंदन, पुष्प, गुलाल और भस्म से अलौकिक श्रृंगार किया गया।
इसके उपरांत नंदी हॉल से पुजारियों द्वारा भस्म आरती प्रारंभ की गई। आरती के साथ डमरू वादन, शंखनाद और मंत्रोच्चार से सम्पूर्ण वातावरण शिवमय हो गया। जब भगवान को भस्म अर्पित कर आरती उतारी गई, तो उपस्थित श्रद्धालुओं ने “जय जय श्री महाकाल” के उद्घोष के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय कर दिया।
इस दौरान गर्भगृह के ठीक सामने विराजमान भगवान शिव के वाहन नंदी महाराज की ओर भी श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिली। श्रद्धालु नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कह रहे थे, यह मान्यता है कि नंदी बाबा के माध्यम से हर प्रार्थना सीधे महाकाल तक पहुंचती है। नंदी की मुद्रा और आंखों में टकटकी लगाए भगवान को निहारते स्वरूप ने भक्तों को और भी भावविभोर कर दिया।
आज के श्रृंगार दर्शन में भगवान को रुद्राक्ष माला, गुलाबी पुष्पों की माला, चंदन तिलक और रजत मुकुट से सजाया गया था। सिंहासन पर विराजमान श्री महाकालेश्वर का यह मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बना।
मंदिर प्रांगण के साथ ही बाहर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु LED स्क्रीन के माध्यम से भस्म आरती का दर्शन करते हुए भावविभोर हुए।
मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, आज की आरती में देशभर से हज़ारों श्रद्धालु शामिल हुए। सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए पुलिस बल और स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती रही।
हर दिन की तरह आज भी श्री महाकाल की भस्म आरती श्रद्धालुओं के जीवन में आस्था, शक्ति और शांति का दिव्य संचार करती रही।
