मई में गर्मी की बजाय बारिश का असर: मध्य प्रदेश में बदला मौसम, लू से राहत, प्याज की फसल को भारी नुकसान

भोपाल (शिखर दर्शन) // मई में जहां आमतौर पर भीषण गर्मी और लू के थपेड़े लोगों को बेहाल कर देते हैं, वहीं इस बार मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। प्रदेश में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय प्रणाली सक्रिय है, जिसके चलते कई जिलों में रुक-रुककर हल्की बारिश हो रही है और बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 3-4 दिनों तक प्रदेश में लू चलने की संभावना नहीं है और तापमान में वृद्धि भी थम गई है।
खजुराहो में सबसे अधिक तापमान
हालांकि कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। खजुराहो में गुरुवार को प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्याज की फसल को भारी नुकसान
इस बेमौसम बारिश का असर किसानों पर भी पड़ा है। प्याज की फसल को 40 प्रतिशत तक नुकसान होने की जानकारी सामने आई है, जिससे किसान वर्ग चिंतित है।
किन कारणों से बदला मौसम
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के पास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। साथ ही गुजरात के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिससे प्रदेश भर में बारिश और बादल बने हुए हैं।
बीते 24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश
भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज की गई है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहावना बना हुआ है।
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
गुरुवार को मौसम विभाग ने जिन जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है, उनमें शामिल हैं:
इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मुरैना, भिंड, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर और उमरिया।
20 मई के बाद बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 20 मई के बाद गर्मी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, मई के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर मौसम के बदलने की संभावना जताई गई है।
निष्कर्षतः, इस बार मई का महीना प्रदेशवासियों के लिए अपेक्षाकृत राहत भरा साबित हो रहा है, हालांकि बेमौसम बारिश ने किसानों को नई चुनौती दी है। अब सबकी नजरें आने वाले सप्ताह के मौसम पर टिकी हैं।
