7 मई महाकाल आरती: अद्भुत श्रृंगार में दर्शन दिए बाबा महाकाल, मस्तक पर विराजे शिवलिंग रूप में
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार, 7 मई को वैशाख मास की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि पर अलसुबह भक्तों ने एक दिव्य दृश्य के दर्शन किए। ब्रह्म मुहूर्त में ठीक 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और भगवान महाकाल की विशेष भस्म आरती संपन्न हुई। सबसे पहले महाकालेश्वर का अभिषेक शुद्ध जल से किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से उनका पूजन किया गया।
इस अवसर पर बाबा महाकाल के मस्तक पर विशेष श्रृंगार किया गया, जिसमें शिवलिंग रहित अद्भुत आभूषण सजाए गए। भगवान को भांग, चंदन, फूलों की माला और चंद्र-त्रिशूल अर्पित किए गए। महाकाल को भस्म अर्पण की गई और उन्हें रजत निर्मित शेषनाग का भव्य मुकुट, चांदी की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। साथ ही सुगंधित पुष्पों से बनी विशेष फूलों की माला भी अर्पित की गई। भगवान को फल और मिष्ठान्न का भोग भी लगाया गया।
सुबह की भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और उन्होंने बाबा के अलौकिक स्वरूप का दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालु नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगते नजर आए। पूरे मंदिर परिसर में “जय महाकाल”, “हर हर शंभू” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण शिवमय हो उठा।
