राजधानी समेत कई जिलों में तेज अंधड़ और बारिश से मौसम बदला, गर्मी से मिली राहतअगले तीन दिन तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, रायपुर में आज गरज-चमक के साथ बौछारें

छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: अगले तीन दिन तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटों के दौरान राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में तेज अंधड़ और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से रविवार तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान तेज अंधड़ और बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। यह सिलसिला अगले तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। दुर्ग में सबसे अधिक 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से केरल तक एक द्रोणिका रेखा सक्रिय है। इसके अलावा 2 मई से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी शुरू हो गया है, जिससे बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी प्रदेश में प्रवेश कर रही है। यह नमी बारिश और अन्य मौसमी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।
रायपुर का मौसम पूर्वानुमान:
- 2 मई (शुक्रवार): आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम तापमान 24°C रहने की संभावना है।
- 3 मई (शनिवार): दोपहर के समय कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 23°C रहने की संभावना है।
- 4 मई (रविवार): आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, अधिकतम तापमान 40°C और न्यूनतम तापमान 24°C रहने की संभावना है।
अन्य जिलों में मौसम की स्थिति:
मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभागों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। बिलासपुर और दुर्ग जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम परिवर्तन का कारण:
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से केरल तक एक द्रोणिका रेखा सक्रिय है। इसके अलावा, 2 मई से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी शुरू हो गया है, जिससे बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी प्रदेश में प्रवेश कर रही है। यह नमी बारिश और अन्य मौसमी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।
सावधानियां:
- तेज हवाओं और ओलावृष्टि के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
- बिजली गिरने की संभावना के चलते खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और अपडेट्स पर ध्यान दें।
