22 अप्रैल महाकाल आरती: चंद्रमणि से अलंकृत हुआ शिवशंभू का मस्तक, दिव्य श्रृंगार के हुए दर्शन
उज्जैन (शिखर दर्शन) // वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि मंगलवार को बाबा महाकाल के दिव्य श्रृंगार और भस्म आरती के अद्भुत दर्शन हुए। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विधिवत पूजन संपन्न हुआ।
इसके बाद भगवान महाकाल को भांग, चंदन, फूलों की माला और रत्नजड़ित आभूषणों से श्रृंगारित किया गया। शिवशंभू के मस्तक पर चंद्रमणि सहित रजत से निर्मित शेषनाग मुकुट और मुण्डमाल विराजित की गई। रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला से उन्हें अलंकृत किया गया। महाकाल को भस्म अर्पित की गई और फल-मिष्ठान्न का भोग लगाया गया।
भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अलौकिक दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं निवेदित कीं और आशीर्वाद की कामना की। समस्त परिसर “हर हर महादेव”, “जय जय श्री महाकाल”, और “ॐ नमः शिवाय” के घोष से गूंज उठा।



