धरने पर बैठी शिक्षिका को बिच्छू ने मारा डंक , हालत गंभीर
रायपुर (शिखर दर्शन) // बीएड डिग्रीधारी बर्खास्त शिक्षकों का नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर चल रहा आंदोलन अब स्वास्थ्य संकट में बदलता जा रहा है। बीती रात धरने पर बैठी शिक्षिका प्रिया मंडावी को बिच्छू ने डस लिया, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। वे बैस भवन में सो रही थीं, तभी रात करीब डेढ़ बजे यह हादसा हुआ।
घटना के बाद साथी शिक्षकों ने तुरंत 112 पर कॉल किया, लेकिन सहायता नहीं मिलने पर वे उन्हें मोटरसाइकिल से अभनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उन्हें अंबेडकर अस्पताल रायपुर रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया गया कि यह पहली बार नहीं है जब धरना स्थल पर जानवरों के ज़रिए खतरा पैदा हुआ हो। पूर्व में भी धरना स्थल और विश्राम भवन में साँप और बिच्छू निकलते रहे हैं। धरने पर बैठे शिक्षक लगातार विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
धरना स्थल पर अव्यवस्थाओं का अंबार
शिक्षकों की मानें तो चार महीने से चल रहे इस आंदोलन के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नवा रायपुर के बैस भवन में 150 से अधिक महिला शिक्षिकाएं, विशेषकर बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आईं महिलाएं, चार कमरों में ठसाठस भरे हालात में रह रही हैं।
धरनास्थल पर पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। आंदोलनरत शिक्षकों ने कई बार प्रशासन से इसकी शिकायत की, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं मिला है।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
धरने पर बैठे शिक्षकों का आरोप है कि सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। उनका कहना है कि जब तक राज्य सरकार उनका समायोजन नहीं करती, वे चाहे जैसी भी परिस्थितियाँ हों, पीछे नहीं हटेंगे।
बर्खास्त बीएड शिक्षकों का यह आंदोलन राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षकों की मांग है कि सरकार तत्काल उनकी समस्याओं का समाधान करे, जिससे न केवल उनका भविष्य सुरक्षित हो, बल्कि ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
