बांग्लादेशी चोर गिरोह का भंडाफोड़, 58 लाख के जेवरात बरामद

महासमुंद (शिखर दर्शन) // पुलिस ने अंतरराज्यीय बांग्लादेशी चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो बांग्लादेशी चोरों, एक मानव तस्कर और एक सोनार को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने महासमुंद जिले के सांकरा, बसना और सरायपाली थाना क्षेत्र में 9 चोरियों को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 58 लाख 52 हजार रुपये के हीरे, सोने और चांदी के आभूषणों के साथ चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
बर्तन बेचने के बहाने करते थे रेकी
गिरोह के मुख्य आरोपी बर्तन बेचने के बहाने कॉलोनियों में घूमकर सूने मकानों और दुकानों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चोरी के बाद नगदी और कीमती जेवरात को पश्चिम बंगाल निवासी सोनार जयदेव करमाकर के माध्यम से बांग्लादेश भेजा जाता था।
पश्चिम बंगाल के जरिए पहुंचे थे महासमुंद
गिरफ्तार आरोपियों में मिलन मंडल, अफसर मंडल, जयदेव करमाकर और मोहम्मद शफीक शेख शामिल हैं। इनमें से मिलन मंडल और मोहम्मद शफीक शेख बांग्लादेश के निवासी हैं, जो मानव तस्कर अफसर मंडल के जरिए पश्चिम बंगाल पहुंचे और वहां से महासमुंद में आकर फर्जी आईडी के सहारे रह रहे थे।

ऐसे खुला चोरी का राज
महासमुंद एएसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि जनवरी में बसना थाना क्षेत्र के दिनेश अग्रवाल और फरवरी में सांकरा थाना क्षेत्र के देवनाथ पटेल के घरों में चोरी की घटनाएं हुई थीं। दोनों मामलों में चोरी का तरीका एक जैसा था। पुलिस ने साइबर सेल और थाना टीम के साथ जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना पर सरायपाली के सुपर लॉज में ठहरे दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदातें कबूल कीं।
पश्चिम बंगाल में दबिश देकर सोनार और मानव तस्कर गिरफ्तार
मुख्य आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश देकर मानव तस्कर अफसर मंडल और सोनार जयदेव करमाकर को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से चोरी के कीमती जेवरात जब्त किए गए। पुलिस ने चारों आरोपियों पर चोरी की धाराओं के साथ विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 और 14ए के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
