मध्यप्रदेश

कलेक्टर की सख्त कार्रवाई: 25 तहसीलदारों और नायाब तहसीलदारों को नोटिस, 2 कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकी, प्रशासनिक हलकों में हड़कंप

जबलपुर ( शिखर दर्शन ) // प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने सख्त रुख अपनाया है। फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry), राजस्व वसूली (Revenue Recovery), सीमांकन (Demarcation) और बंटवारा (Partition) जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कोताही बरतने पर 25 अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, कलेक्टर ने दो कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकने का आदेश भी दिया है।

विभागीय लापरवाही पर कार्रवाई

कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने 10 तहसीलदारों और 15 नायाब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस उन अधिकारियों को दिया गया है, जो फार्मर रजिस्ट्री, राजस्व वसूली, सीमांकन और बंटवारे के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहे हैं। इसके साथ ही, दो कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोककर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

पहले भी दी गई थी चेतावनी

यह पहली बार नहीं है जब प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सख्ती दिखाई गई हो। इससे पहले 3 मार्च को भी जबलपुर कलेक्टर ने 10 तहसीलदारों को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। लेकिन संतोषजनक सुधार न होने के कारण अब और कड़े कदम उठाए गए हैं।

प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप

कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले की गंभीरता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कलेक्टर ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों से दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है, अन्यथा आगे और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकारी कामों में लापरवाही के प्रति यह सख्ती संकेत देती है कि प्रशासन अब किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगा।

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