क्या है करवा चौथ व्रत के पीछे की कहानी ? जानिए !

करवा चौथ व्रत रखने के पीछे एक पौराणिक कथा है । कथा के अनुसार “करवा” नाम की एक स्त्री अपने पति के साथ तुंगभद्र नदी के किनारे स्थित एक गांव में रहती थी । उनके पति बूढ़े और निर्बल थे एक दिन नदी के किनारे स्नान के दौरान मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया वह “करवा… ! करवा… ! कहकर अपनी पत्नी को पुकारने लगे पति की पुकार सुनकर वहां पहुंची “करवा” के पतिव्रता धर्म का पालन करने से उनके सत्तितव में काफी शक्ति थी “करवा” ने अपने पति के प्राण संकट में देख यमराज से प्रार्थना की “करवा” के पतिव्रता होने के कारण यमराज ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और पूछा ” हे देवी आप क्या चाहती हैं” ?? इस पर “करवा” ने कहा की मेरे पति के प्राण उस मगरमच्छ के कारण संकट में पड़े हैं , आप उसे मृत्युदंड दे दीजिए इस पर यमराज ने कहा कि मगरमच्छ की आयु अभि शेष बची है तब “करवा” ने कहा यदि आपने उस मगरमच्छ को मृत्युदंड नहीं दिया तो मैं अपने “तपोबल” से आपको श्राप दे दूंगी उसका यह साहस देख यमराज भी डर गए और मगरमच्छ को यमपुरी भेज दिए साथ ही करवा के पति को दीर्घायु होने का वरदान दिया इस तरह उस समय से करवा चौथ व्रत प्रचलन में आया।

