26 नवंबर महाकाल आरती: बाबा महाकालेश्वर का वैष्णव तिलक और चंद्र अर्पण, राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को मार्गशीर्ष माह, कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।
महाकालेश्वर के मस्तक पर वैष्णव तिलक, चंद्र, भांग, और चंदन से विशेष श्रृंगार किया गया, और उन्हें भस्म अर्पित की गई। भगवान महाकाल ने इस अवसर पर शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण की। पूजा के अंत में उन्हें फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
सुबह की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ प्राप्त किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान के पास अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘बाबा महाकाल की जय’ के जयकारों से पूरे मंदिर को गुंजायमान कर दिया।
