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काल भैरव अष्टमी: रात 12 से 3 बजे के बीच करें ये खास उपाय, शत्रुओं का होगा नाश

शत्रुओं से मुक्ति और जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए करें ये खास उपाय

22 / 23 नवंबर को मनाई जा रही काल भैरव अष्टमी: इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है, जो सभी प्रकार की कठिनाइयों से मुक्ति दिलाने वाले देवता माने जाते हैं। काल भैरव अष्टमी पर, विशेष रूप से रात्रि 12 से 3 बजे के बीच पूजा करना अत्यधिक लाभकारी माना गया है। मान्यता है कि इस अवधि में की गई पूजा से सभी प्रकार के कष्ट, भय और शत्रु बाधाओं का नाश होता है।

काल भैरव अष्टमी के विशेष उपाय:

  • दीप प्रज्वलित करें: शाम को काल भैरव के मंदिर जाकर दीपक जलाएं और उन्हें नारियल और इमरती अर्पित करें। ऐसा करने से भैरवनाथ प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।
  • मंत्र जाप: रात्रि 12 बजे के समय में ‘ॐ श्री बम बटुक भैरवाय नमः’ मंत्र का जाप करने से नौकरी और आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।
  • नींबू की माला अर्पित करें: काल भैरव अष्टमी पर 5 या 7 नींबू की माला बनाकर काल भैरव को अर्पित करने से शत्रुओं से छुटकारा मिलता है।
  • काल भैरवाष्टक का पाठ: भूत-प्रेत जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए काल भैरव के मंदिर में काल भैरवाष्टक का पाठ करें और कुत्ते को भोजन अर्पित करें।
  • काले कुत्ते को रोटी खिलाएं: काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी रोटी खिलाने से व्यापार और रोजगार में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
  • शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें: इस दिन भगवान शिव की पूजा भी की जाती है। 21 बेलपत्रों पर चंदन से ‘ओम नम: शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से जीवन में भय, रोग और दोष दूर होते हैं।

काल भैरव अष्टमी पर इन विशेष उपायों को करने से जीवन की सभी समस्याओं से मुक्ति पाकर सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है।

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