9 नवंबर महाकाल आरती: भगवान महाकालेश्वर का मस्तक पर ॐ चंद्र से विशेष श्रृंगार, यहां कीजिए दर्शन

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
भगवान महाकालेश्वर का विशेष श्रृंगार और भस्म आरती, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पर शनिवार सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना का शुभारंभ किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया।
इस अवसर पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें उन्हें भस्म अर्पित की गई।
भगवान महाकालेश्वर ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों से सजी फूलों की माला धारण की। पूजा के बाद भगवान को फल और मिष्ठान्न का भोग लगाया गया।
सुबह भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान के समीप अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मंदिर परिसर
“जय महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा, जिससे माहौल भक्तिमय और अलौकिक हो गया।
