बिलासपुर संभाग

कपड़ों की पोटलियों में छिपा रखा था 15 किलो से ज्यादा गांजा, संगरूर के दो तस्कर गिरफ्तार; 7.77 लाख की खेप जब्त

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // रेलवे के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बिलासपुर मंडल RPF को बड़ी सफलता मिली है। निगौरा रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध हालत में घूम रहे दो लोगों की तलाशी लेने पर उनके पास से कपड़ों की पोटलियों में छिपाकर रखा गया 15.540 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपी पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले हैं।

यह कार्रवाई 24 अगस्त 2026 की रात करीब 1:15 बजे सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में RPF टास्क टीम ने की। टीम निगौरा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान दो व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों के साथ नजर आए।

कपड़ों की पोटलियों ने खोला तस्करी का राज

RPF टीम ने दोनों संदिग्धों को रोककर पूछताछ की। उनके पास रखी कपड़ों की पोटलियों को देखकर संदेह हुआ। तलाशी लेने पर पोटलियों के भीतर छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हो गया। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर बरामद नशीले पदार्थ का वजन कराया गया।

पूछताछ और जांच में आरोपियों की पहचान हंसा नाथ (40), निवासी जिला संगरूर, पंजाब और मनता नाथ उर्फ लंबू (39), निवासी जिला संगरूर, पंजाब के रूप में हुई।

तलाशी के दौरान हंसा नाथ के पास से 7.280 किलोग्राम गांजा, जबकि मनता नाथ उर्फ लंबू की पोटली से 8.260 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। दोनों के कब्जे से कुल 15.540 किलोग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 7.77 लाख रुपए आंकी गई है।

RPF ने आरोपियों को पुलिस के हवाले किया

नशीले पदार्थ की बरामदगी के बाद RPF ने दोनों आरोपियों और जब्त गांजे को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस थाना जैतहरी के सुपुर्द कर दिया। मामले में अपराध क्रमांक 285/2026 और धारा 8/20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

इस साल 550 किलो से ज्यादा गांजा जब्त

बिलासपुर मंडल RPF की ओर से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक मंडल क्षेत्र में 550 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है।

रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और रेलवे परिसर के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए RPF ने निगरानी बढ़ा दी है। संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच के साथ ही ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस की जांच से खुलेगी सप्लाई लाइन

15.540 किलोग्राम गांजे की बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस इसकी सप्लाई चेन पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांजे का स्रोत क्या था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जांच के दौरान यह भी स्पष्ट होगा कि गिरफ्तार दोनों आरोपी केवल गांजे की खेप पहुंचाने वाले कैरियर थे या तस्करी के बड़े नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए थे। फिलहाल RPF की कार्रवाई के बाद मामले की आगे की कड़ियां पुलिस जांच में सामने आने की उम्मीद है।

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