थानों में CCTV फुटेज सुरक्षित रखने पर हाईकोर्ट सख्त, 18 महीने तक रिकॉर्ड सुरक्षित रखना अनिवार्य

बिलासपुर / रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस थानों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज के रखरखाव और सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि थानों में केवल CCTV कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके जरिए रिकॉर्ड होने वाले फुटेज को हर समय सुरक्षित रखना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। अदालत ने सभी थानों में CCTV रिकॉर्डिंग को कम से कम 18 महीने तक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
NDPs मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया मामला
यह मामला नेशनल ज्यूडिशियल प्रोटेक्शन सिस्टम (NDPs) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया। मामले में आरोपियों की ओर से खुद को निर्दोष साबित करने के लिए घटना वाले दिन की CCTV फुटेज और मोबाइल CDR यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड की मांग की गई थी। इस पर पुलिस ने अदालत को बताया कि 18 महीने की अवधि बीत जाने के कारण CCTV फुटेज सिस्टम से स्वतः डिलीट हो चुकी है।
पुलिस के इस जवाब पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नष्ट नहीं होने चाहिए। अदालत ने माना कि आपराधिक मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य की भूमिका निभा सकती है।
पर्याप्त स्टोरेज और बिजली बैकअप के निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTV फुटेज को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्टोरेज क्षमता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही निर्बाध बिजली आपूर्ति और नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कैमरे और रिकॉर्डिंग सिस्टम लगातार काम करते रहें।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि CCTV कैमरे लगाने के बाद उनकी रिकॉर्डिंग की सुरक्षा और उपलब्धता सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है। किसी घटना के बाद जब जांच या अदालत में फुटेज की जरूरत पड़े, तब रिकॉर्ड उपलब्ध न होना पुलिस व्यवस्था की गंभीर कमी मानी जा सकती है।
550 थानों में 102 करोड़ की लागत से CCTV परियोजना
प्रदेश में इस समय 550 पुलिस थानों में आधुनिक CCTV कैमरे लगाने की करीब 102 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों तथा भारत सरकार की ओर से जारी ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का अंतिम निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब प्रदेश के पुलिस थानों में CCTV व्यवस्था केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रिकॉर्डिंग के सुरक्षित भंडारण और जरूरत पड़ने पर उसे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी।



