UCC के विरोध में मुस्लिम महिलाओं का प्रदर्शन, कलेक्टर को ज्ञापन देकर कानून वापस लेने की मांग

जबलपुर ( शिखर दर्शन ) // जबलपुर में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। जमात-ए-इस्लामी हिंद की महिला विंग से जुड़ी महिलाओं ने अपनी आपत्तियां प्रशासन के सामने रखते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने UCC को मुस्लिम पर्सनल लॉ और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कानून को वापस लेने की मांग की।
महिलाओं का कहना था कि देश के संविधान में प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाते हुए कहा कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने की आजादी मिलनी चाहिए।
महिलाओं ने कहा- मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रभावित होगा
जमात-ए-इस्लामी हिंद महिला विंग की सदस्य नाजिया बानो ने कहा कि UCC के तहत बनाए जा रहे प्रावधानों का वे विरोध करती हैं। उनका कहना है कि संविधान नागरिकों को अपने धर्म के प्रचार-प्रसार और पालन की स्वतंत्रता देता है, लेकिन प्रस्तावित कानून से मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार इस कानून पर पुनर्विचार करे और इसे वापस लिया जाए।
शरीयत में हस्तक्षेप नहीं करने की मांग
वहीं जमात-ए-इस्लामी हिंद महिला विंग की सदस्य तैय्यबा अंबर ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं एकजुट होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी धार्मिक मान्यताओं और शरीयत से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं और सभी को संविधान के तहत अपने धर्म का पालन करने का अधिकार मिलना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने UCC को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और बाद में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।



