मध्यप्रदेश

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सियासत तेज: कमलनाथ ने बताया “टैक्स का खेल”, बोले- जनता को 10 रुपए प्रति लीटर राहत दे सरकार

एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम, मध्यप्रदेश में सबसे महंगे ईंधन पर उठे सवाल

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री Kamal Nath ने राज्य सरकार पर जनता से “भारी टैक्स वसूली” का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से पेट्रोल और डीजल पर टैक्स कम कर कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर राहत देने की मांग की है।

कमलनाथ ने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात का हवाला देकर कीमत बढ़ने की बात करती है, जबकि असल वजह राज्य सरकार द्वारा लगाया जा रहा भारी वैट और अतिरिक्त टैक्स है।


ऐसे बढ़ती है पेट्रोल की कीमत: आसान स्लैब सिस्टम में समझिए पूरा गणित

पहला चरण: तेल कंपनी की बेस कीमत

सबसे पहले तेल कंपनियां पेट्रोल की मूल कीमत तय करती हैं।

➡️ अनुमानित बेस प्राइस: 52 से 55 रुपए प्रति लीटर


दूसरा चरण: केंद्र सरकार का टैक्स

इसके ऊपर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है।

➡️ लगभग 19 से 20 रुपए प्रति लीटर

अब कीमत पहुंचती है लगभग:

➡️ 74 से 75 रुपए प्रति लीटर


तीसरा चरण: पेट्रोल पंप कमीशन

इसके बाद पेट्रोल पंप संचालकों का कमीशन जोड़ा जाता है।

➡️ लगभग 3 से 4 रुपए प्रति लीटर

अब कीमत पहुंचती है:

➡️ करीब 78 रुपए प्रति लीटर


चौथा चरण: मध्यप्रदेश सरकार का टैक्स

यहीं से कीमत में सबसे ज्यादा उछाल आता है।

मध्यप्रदेश सरकार पेट्रोल पर लगाती है:

  • 29 प्रतिशत VAT
  • 2.50 रुपए अतिरिक्त वैट
  • 1 प्रतिशत उपकर (सेस)

➡️ कुल राज्य टैक्स लगभग 30 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा बैठता है।


इसलिए भोपाल में पेट्रोल पहुंचा 110 रुपए के पार

इन सभी टैक्स और चार्ज को जोड़ने के बाद भोपाल में पेट्रोल की कीमत:

➡️ 110.75 रुपए प्रति लीटर

हो गई है।


डीजल का पूरा हिसाब भी समझिए

डीजल की बेस कीमत

➡️ लगभग 55 से 58 रुपए प्रति लीटर

केंद्र सरकार का टैक्स

➡️ करीब 16 से 18 रुपए प्रति लीटर

डीलर कमीशन

➡️ लगभग 2 से 3 रुपए प्रति लीटर

मध्यप्रदेश सरकार का टैक्स

  • 19 प्रतिशत VAT
  • 1.50 रुपए अतिरिक्त वैट
  • 1 प्रतिशत उपकर

➡️ कुल राज्य टैक्स लगभग 20 रुपए प्रति लीटर


इसलिए भोपाल में डीजल हुआ महंगा

सभी टैक्स जुड़ने के बाद भोपाल में डीजल की कीमत:

➡️ 95.91 रुपए प्रति लीटर

तक पहुंच गई है।


दूसरे राज्यों से कितना महंगा है MP?

उत्तरप्रदेश (लखनऊ)

  • पेट्रोल: 98.40 रुपए
  • डीजल: 91.73 रुपए

छत्तीसगढ़ (रायपुर)

  • पेट्रोल: 104.32 रुपए
  • डीजल: 97.38 रुपए

राजस्थान (जयपुर)

  • पेट्रोल: 109.32 रुपए
  • डीजल: 94.50 रुपए

कमलनाथ ने दावा किया कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल उत्तरप्रदेश से करीब 13 रुपए प्रति लीटर महंगा बिक रहा है।


“जनता टैक्स के बोझ तले दब गई”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता पेट्रोल पर 30 रुपए से अधिक और डीजल पर 20 रुपए से ज्यादा टैक्स चुका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का यह टैक्स अंतरराष्ट्रीय हालात से जुड़ा नहीं है, बल्कि सीधे आम लोगों की जेब पर बोझ डाल रहा है।

उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने से ट्रक और भारी वाहन चालक दूसरे राज्यों से ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश को राजस्व नुकसान भी हो रहा है।


BJP का जवाब: “वैश्विक हालात जिम्मेदार”

वहीं भाजपा के पूर्व विधायक धैर्यवर्धन शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति करार देते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण समय-समय पर कीमतों में वृद्धि करना मजबूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार वैकल्पिक उपायों पर काम कर रही है ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

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