22 अक्टूबर महाकाल भस्म आरती: दिव्य श्रृंगार में सजे बाबा महाकाल, भक्तों को दिए अलौकिक दर्शन

मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार, 22 अक्टूबर को बाबा महाकाल की भस्म आरती विधि-विधान से संपन्न हुई। विशेष श्रृंगार में भगवान महाकाल का दिव्य स्वरूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना। भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) //
गुरुवार तड़के मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक कर विधि-विधान से पूजन संपन्न किया गया।
भांग, चंदन और आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार
अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का भांग, चंदन और विभिन्न आभूषणों से मनोहारी श्रृंगार किया गया। आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। आकर्षक अलंकरण के साथ बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना रहा।
भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। सुबह की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं।
इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालु जय श्री महाकाल के जयकारे लगाते रहे और बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे।



