नेटवर्क और ऐप की गड़बड़ियों से शिक्षक परेशान, ई-अटेंडेंस नियमों में बदलाव की मांग तेज

शासकीय शिक्षक संगठन ने शिक्षा विभाग को सौंपा ज्ञापन, पांच घंटे की उपस्थिति अवधि और तकनीकी खराबी पर वेतन कटौती से राहत देने की मांग
मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमजोरी, सर्वर डाउन होने और ‘हमारे शिक्षक’ ऐप में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शासकीय शिक्षक संगठन ने इन समस्याओं को उठाते हुए शिक्षा विभाग से नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि तकनीकी खामियों का खामियाजा शिक्षकों को वेतन कटौती के रूप में नहीं भुगतना चाहिए।
भोपाल ( शिखर दर्शन ) //
शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने 21 अक्टूबर को लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर ई-अटेंडेंस व्यवस्था में छह प्रमुख सुधार करने की मांग की। संगठन ने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसके संचालन में आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी जरूरी है।
लॉगिन और लॉगआउट के समय में बदलाव का प्रस्ताव
संगठन ने सामान्य विद्यालयों के लिए सुबह 9:30 से 11 बजे तक लॉगिन और शाम 4 से 6 बजे तक लॉगआउट करने की समय-सीमा निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, सुबह की पाली में संचालित विद्यालयों के लिए सुबह 6:30 से 8 बजे तक लॉगिन की सुविधा देने की मांग की गई है।
इसके अलावा, ई-अटेंडेंस के लिए निर्धारित छह घंटे की अवधि को घटाकर पांच घंटे करने का सुझाव भी दिया गया है। संगठन का मानना है कि विद्यालयों के समय और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए।
ऐप में अवकाश और ऑन-ड्यूटी की सुविधा बेहतर करने की मांग
शिक्षक संगठन ने ‘हमारे शिक्षक’ ऐप में सभी प्रकार के अवकाश दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही आधे दिन के अवकाश का विकल्प जोड़ने और प्रशिक्षण, विभागीय बैठकों तथा सरकारी कार्यों के लिए ऑन-ड्यूटी स्वीकृत करने की प्रक्रिया सरल बनाने का सुझाव दिया गया है।
संगठन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में इन सुविधाओं को लेकर आने वाली परेशानियों को दूर करने से शिक्षकों को अनावश्यक दिक्कतों से राहत मिल सकती है।
नेटवर्क फेल होने पर उपस्थिति पंजी को मिले मान्यता
संगठन की प्रमुख मांग है कि नेटवर्क की समस्या, सर्वर डाउन होने या ऐप में तकनीकी खराबी के कारण ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने पर विद्यालय की उपस्थिति पंजी और संस्था प्रमुख के प्रमाणित रिकॉर्ड को मान्य किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि ऐसी तकनीकी परिस्थितियों में शिक्षकों का वेतन नहीं रोका जाए और न ही वेतन में कटौती की जाए। संगठन का तर्क है कि जब शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हों, तो केवल तकनीकी बाधा के कारण उनकी उपस्थिति को अमान्य नहीं माना जाना चाहिए।
व्यावहारिक व्यवस्था लागू करने की अपील
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए बनाई गई व्यवस्था तकनीकी रूप से भरोसेमंद और जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप भी होनी चाहिए।
शासकीय शिक्षक संगठन ने शिक्षा विभाग से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार करने, ‘हमारे शिक्षक’ ऐप में आवश्यक संशोधन करने और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है। अब इन मांगों पर शिक्षा विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर शिक्षकों की नजर रहेगी।



