महिला से छेड़छाड़ के मामले में दोषी शिक्षक पर गिरी गाज, शिक्षा विभाग ने नौकरी से किया बर्खास्त; तत्काल प्रभाव से आदेश जारी

न्यायालय से एक साल के सश्रम कारावास की सजा मिलने के बाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत लिया गया निर्णय
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ में महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी ठहराए गए एक सरकारी शिक्षक को शिक्षा विभाग ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। न्यायालय से दोषसिद्धि और सजा मिलने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई सरकारी सेवाओं में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्राप्त आधिकारिक आदेश के अनुसार, बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय बेलमुंडी, विकासखंड तखतपुर, जिला बिलासपुर में पदस्थ अर्चना विहार नेहरू नगर निवासी उच्च वर्ग शिक्षक विवेक गुप्ता को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। आदेश दिनांक 23 अक्टूबर 2026 का है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
न्यायालय ने दो धाराओं में ठहराया था दोषी
विभागीय आदेश में उल्लेख है कि तखतपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने दांडिक प्रकरण क्रमांक 269/2018 में 26 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया था। न्यायालय ने शिक्षक विवेक गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और धारा 323 के तहत दोषसिद्ध ठहराया।
आदेश में दर्ज विवरण के मुताबिक, धारा 354 के तहत उन्हें एक वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। वहीं, धारा 323 के तहत 1,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
विभाग ने सेवा से बर्खास्तगी का लिया निर्णय
न्यायालय के फैसले के बाद जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर की ओर से भेजे गए पत्र और संबंधित न्यायिक आदेश के आधार पर शिक्षा संभाग ने विभागीय कार्रवाई की। संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा जारी आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 10 के प्रावधानों के तहत शिक्षक को सेवा से पदच्युत करने का निर्णय लिया गया है।
विभाग ने आदेश में Dismissal of Service अर्थात सेवा से बर्खास्तगी का स्पष्ट उल्लेख करते हुए कहा है कि यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। इस तरह न्यायालय में दोषसिद्धि के बाद संबंधित शिक्षक की सरकारी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है।
न्यायिक अभिरक्षा में रहने का भी आदेश में उल्लेख
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, न्यायालय द्वारा जारी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के अंतर्गत प्रमाण-पत्र में शिक्षक के 7 अगस्त 2018 से 9 अक्टूबर 2018 तक कुल दो माह और दो दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहने का उल्लेख किया गया है।
संबंधित अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि
संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर, कलेक्टर बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर और विकासखंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। विद्यालय के प्रधान पाठक और संबंधित शिक्षक को भी इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित शिक्षक को आदेश तामील कराकर उसकी पावती कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इस कार्रवाई का संदेश स्पष्ट है: सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक मामले में दोषसिद्धि होने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, प्रत्येक मामले में कार्रवाई का स्वरूप संबंधित सेवा नियमों, न्यायिक निर्णय और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप निर्धारित होता है।



