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टीम इंडिया बनी विजेता, रोहित शर्मा ने मैदान से मिट्टी उठाकर क्यों खाई, जानें कारण

टी20 वर्ल्ड कप: भारत ने 11 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताब अपने नाम किया

बारबाडोस के मैदान में शनिवार को खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात रनों से पराजित किया। इस जीत के साथ ही भारत ने आईसीसी ट्रॉफी के लिए 11 साल का इंतजार खत्म कर दिया। आखिरी बार भारत ने 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने दूसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस शानदार जीत के बाद खिलाड़ियों की आंखों में खुशी के आंसू थे। जीत के जश्न में कप्तान रोहित शर्मा ने फाइनल की पिच से मिट्टी उठाकर खाई, जिसका वीडियो आईसीसी ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।

आईसीसी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “यह जीवनभर याद रहने वाला पल है।” रोहित ने अपनी कप्तानी में भारत को तीन बार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचाया, जिनमें से एक बार उन्होंने टी20 विश्व कप की ट्रॉफी भी दिलाई। स्पोर्ट्समैन जिस मैदान पर खेलते हैं, उसे मंदिर की तरह मानते हैं। रोहित ने इस मिट्टी को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया, जो भारतीय फैंस के लिए एक बेहद इमोशनल पल था।

रोहित के इस कृत्य ने सभी को 2013 में वानखेड़े स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर के आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच की याद दिला दी, जब उन्होंने पिच को नमन किया था।

रोहित शर्मा ने टी-20 इंटरनेशनल से लिया संन्यास

रोहित शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में ऐलान किया कि यह उनका आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच था। उन्होंने कहा, “जब से मैंने यह फॉर्मेट खेलना शुरू किया, मैंने इसका हर पल एंजॉय किया। इस फॉर्मेट को अलविदा कहने के लिए इससे बेहतर वक्त नहीं हो सकता। मैंने इस फॉर्मेट के साथ अपने इंडिया करियर की शुरुआत की थी और मैं इसे जीतना चाहता था।”

फैंस ने कहा, “यह मराठी परंपरा है”

रोहित का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। फैंस इसे जमकर पसंद कर रहे हैं और कई लोग इस पर कमेंट भी कर रहे हैं। एक फैन ने लिखा, “यह मराठी परंपरा है कि जीत के बाद मिट्टी चखना जीत का प्रतीक है और इसे भगवान विट्ठल को धन्यवाद देना माना जाता है।

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