चुनाव जीतें तो निर्वाचन आयोग सही, हारें तो उसी पर सवाल : जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

दुर्ग की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ सभा में केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर लगाए भ्रम फैलाने के आरोप, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- लोकतंत्र की दुहाई देने वालों ने ही लगाया था आपातकाल
दुर्ग ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ सभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चुनावी हार के बाद निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि जब चुनाव जीतते हैं तो खुद को होशियार बताते हैं और हारने पर निर्वाचन आयोग को खराब कहने लगते हैं। आज देश को इसी तरह की अराजकता से बचाने की आवश्यकता है।
महेश कॉलोनी में आयोजित इस सभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री विनय जायसवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद विजय बघेल, विधायक ललित चंद्राकर, रिकेश सेन, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर हमला
जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भी इसका आयोजन किया गया था और अब दूसरी बार यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत 2 करोड़ 13 लाख ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो अनुपस्थित थे अथवा देश के नागरिक नहीं थे।

उन्होंने कहा कि बस्तर के चांदा मेटा जैसे क्षेत्रों में भी चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से लोकतंत्र की पहुंच सुनिश्चित की गई है। नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव ईवीएम या मतपत्र से ही नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से जीते जाते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में भी भाजपा की जीत का भरोसा जताया।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जनता के समर्थन के बजाय घुसपैठियों के मतों के सहारे चुनाव जीतना चाहते हैं। उन्होंने सीमावर्ती नौ जिलों में मतदान प्रतिशत बढ़ने का भी उल्लेख किया। विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में लंबे समय से सत्ता हासिल नहीं कर पाने वाले नेता भी चुनाव में चोरी के आरोप लगा रहे हैं।
लोकतंत्र की दुहाई देने वालों ने ही लगाया था आपातकाल : मुख्यमंत्री साय
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज सभी लोग उन ताकतों के खिलाफ एकजुट हुए हैं, जो देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वालों ने ही देश में आपातकाल लगाया था। उस दौरान लोगों को जेल में डाला गया, मीडिया पर सेंसरशिप लागू की गई और संविधान के अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन हारने के बाद गड़बड़ी के आरोप लगाने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोहरे मापदंड अपनाने वाले लोग ही देश में अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, जनता उनके इरादों को समझती है और ऐसे प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।
सभा में भाजपा नेताओं ने नागरिकों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया के प्रति विश्वास बनाए रखने तथा राजनीतिक भ्रम से सतर्क रहने की अपील की।



