वीडियो सुनवाई के दौरान बिना पैंट के जुड़े अधिकारी पर हाईकोर्ट नाराज, आपराधिक अवमानना की कार्रवाई के निर्देश

मास्टर प्लान में देरी से जुड़े मामले की सुनवाई में सामने आया घटनाक्रम; टीएनसीपी के संयुक्त संचालक को नोटिस जारी करने के निर्देश, जवाब के लिए मांगा गया चार सप्ताह का समय
जबलपुर ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएनसीपी) के संयुक्त संचालक अमित गजभिए के पेश होने के तरीके पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। आरोप है कि अधिकारी घर से बिना पैंट पहने ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़ गए और उस दौरान शर्ट के बटन लगाते हुए दिखाई दिए। इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का विकल्प भी दिया गया था। हालांकि, सुनवाई में उनके इस तरह जुड़ने पर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की। मामले में डिप्टी एडवोकेट जनरल ने आश्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों से चर्चा कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महाधिवक्ता की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया।
मास्टर प्लान में देरी से जुड़ा है मूल मामला
यह प्रकरण बिल्डर एसोसिएशन की उस याचिका से संबंधित है, जिसमें मास्टर प्लान जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया है। याचिका के अनुसार, हाईकोर्ट के बार-बार निर्देश देने के बावजूद मास्टर प्लान जारी नहीं किया जा रहा था। इस पर अदालत ने प्रमुख सचिव और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के संचालक को शपथपत्र के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
मामले में इससे पहले भी हाईकोर्ट अवमानना का नोटिस जारी कर चुका है। इसी प्रकरण की सुनवाई के दौरान संयुक्त संचालक अमित गजभिए की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थिति और उनके पहनावे का मामला सामने आया, जिस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया।
अब अधिकारी के खिलाफ प्रस्तावित आपराधिक अवमानना की कार्रवाई और मूल मामले में मास्टर प्लान को लेकर विभाग की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर आगे की सुनवाई में नजर रहेगी।



