उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की 900 किमी पदयात्रा, सनातन और राम मंदिर के मुद्दे पर सियासत तेज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू की। करीब 900 किलोमीटर की इस पदयात्रा में उनकी पत्नी अमृता सिंह और समर्थक भी शामिल हैं। यात्रा के दौरान राम मंदिर के चंदे और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाए जाने से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
भोपाल ( शिखर दर्शन ) //
उज्जैन से अयोध्या तक तय होगा करीब 900 किलोमीटर का सफर
दिग्विजय सिंह की इस पदयात्रा का आरंभ उज्जैन से हुआ है और इसका गंतव्य अयोध्या बताया गया है। यात्रा के दौरान प्रतिदिन औसतन 15 किलोमीटर चलने की योजना है। इसका लगभग आधा हिस्सा मध्य प्रदेश और शेष उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। यात्रा में तिरंगे के साथ पांच रंगों वाली एक विशेष ध्वजा भी शामिल है।
दिग्विजय सिंह इसे गैर-राजनीतिक यात्रा बताते हुए जनता तक अपनी बात पहुंचाने का माध्यम बता रहे हैं। हालांकि, यात्रा में उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
राम मंदिर के चंदे और वोट चोरी के मुद्दे उठा रहे कांग्रेस नेता
यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे का हिसाब देने और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने भी राम मंदिर के लिए चंदा दिया था, इसलिए चंदे के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी सामने आनी चाहिए।
इन मुद्दों को उठाकर दिग्विजय सिंह ने केंद्र और भाजपा की राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, भाजपा नेताओं की ओर से उनकी यात्रा और राम मंदिर को लेकर दिए जा रहे बयानों पर आपत्ति जताई जा रही है।
भाजपा नेताओं ने यात्रा पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने दिग्विजय सिंह की पदयात्रा को लेकर आलोचना की है। सत्ता पक्ष के नेताओं का सवाल है कि राम मंदिर के मुद्दे पर पहले विरोध जताने वाले नेता अब चंदे का हिसाब मांगकर किस तरह का संदेश देना चाहते हैं। कुछ नेताओं ने इस यात्रा को राजनीतिक दिखावा भी बताया है।
इस तरह यात्रा के धार्मिक और सामाजिक संदेश के साथ-साथ उसके राजनीतिक उद्देश्य को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। हालांकि, इसे आगामी चुनावों से जोड़कर देखने की चर्चाओं को दिग्विजय सिंह के घोषित उद्देश्य से अलग समझना जरूरी है।
नर्मदा परिक्रमा के बाद एक और लंबी पदयात्रा
दिग्विजय सिंह इससे पहले भी लंबी धार्मिक यात्रा कर चुके हैं। वर्ष 2017-18 में उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की थी, जिसके बाद 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने। हालांकि, मार्च 2020 में कांग्रेस सरकार गिर गई और भाजपा ने फिर सरकार बनाई।
अब ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के जरिए दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर लंबी पदयात्रा शुरू की है। इस यात्रा का संदेश, इसके दौरान उठाए जाने वाले मुद्दे और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आगे भी चर्चा में रह सकती हैं।


