UPI पर अतिरिक्त शुल्क लगा तो QR कोड हटाएंगे व्यापारी, इंदौर के 125 संगठनों ने दी चेतावनी
सरचार्ज के विरोध में नकद कारोबार अपनाने का ऐलान, पांच दिन तक बाजारों में व्यापारियों से संपर्क करेंगे चेम्बर्स के पदाधिकारी

इंदौर ( शिखर दर्शन ) // डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) सरचार्ज को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है। इंदौर में 125 व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया, तो वे दुकानों से QR कोड हटाकर नकद भुगतान को प्राथमिकता देने की दिशा में कदम उठाएंगे।
125 व्यापारिक संगठनों ने लिया सामूहिक निर्णय :
अभिनव कला समाज के हॉल परिसर में शुक्रवार को अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल और महामंत्री गोपाल दास अग्रवाल की अगुवाई में व्यापारिक संगठनों की बैठक हुई। इसमें प्रस्तावित UPI सरचार्ज के विरोध में एकजुटता दिखाते हुए निर्णय लिया गया कि शुल्क लागू होने पर व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों से QR कोड हटाने और नकद भुगतान अपनाने पर विचार करेंगे।
व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से QR कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। लेकिन यदि इस व्यवस्था पर अतिरिक्त खर्च का बोझ डाला गया, तो पहले से सीमित मुनाफे में कारोबार करना और मुश्किल हो सकता है।
सरकार को चेतावनी, छोटे दुकानदारों पर भी पड़ेगा असर :
व्यापारियों के मुताबिक, बढ़ती लागत और बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच अतिरिक्त शुल्क उनके कारोबार को प्रभावित कर सकता है। इसका असर केवल बड़े व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे दुकानदारों और खुदरा कारोबारियों को भी इसका सामना करना पड़ सकता है।
इसी वजह से व्यापारिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि UPI पर अतिरिक्त शुल्क लागू हुआ, तो वे भुगतान के दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। फिलहाल QR कोड हटाने का फैसला प्रस्तावित शुल्क लागू होने की स्थिति से जोड़ा गया है।
‘नो UPI डे’ के बाद विरोध को आगे बढ़ाने की तैयारी :
अहिल्या चेम्बर्स के संयुक्त सचिव और इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि 23 सितंबर को आयोजित ‘नो UPI डे’ के माध्यम से व्यापारियों ने सरचार्ज के विरोध में अपनी आवाज उठाई थी। अब 125 व्यापारिक संगठनों का साझा निर्णय इसी विरोध को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
अक्षय जैन के अनुसार, व्यापारी पहले से कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ सकती है और मुनाफा प्रभावित हो सकता है।
पांच दिन तक अलग-अलग बाजारों में चलेगा संपर्क अभियान :
व्यापारियों के बीच फैसले को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए अहिल्या चेम्बर्स के पदाधिकारी अगले पांच दिनों तक इंदौर के विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान दुकानदारों को प्रस्तावित सरचार्ज और उसके संभावित आर्थिक प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, विरोध के समर्थन में व्यापारियों को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा।
चेम्बर्स पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान चलाया जाएगा और प्रस्तावित शुल्क के मुद्दे पर सामूहिक विरोध जारी रहेगा।
डिजिटल भुगतान पर फैसले का इंतजार :
इंदौर के व्यापारिक संगठनों के इस ऐलान के बाद UPI सरचार्ज का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। व्यापारी अतिरिक्त लागत को लेकर चिंता जता रहे हैं, जबकि डिजिटल भुगतान ग्राहकों के लिए सुविधाजनक माध्यम बन चुका है।
अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रस्तावित शुल्क को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है और व्यापारी अपने ऐलान पर किस तरह अमल करते हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद :
बैठक में रमेश खंडेलवाल, गोपाल दास अग्रवाल, अक्षय जैन, गोविंद अग्रवाल, नरेंद्र बाफना, रजनीश चोरड़िया, हरदीप सिंह, मनीष निगम, सुशील मेहता, कैलाश खंडेलवाल, मनोज काला, चंद्रशेखर खन्ना, बसंत सोनी, प्रदीप जैन, पुरुषोत्तम शर्मा, महेंद्र जैन सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।



