महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर फिर विवाद: युवा कांग्रेस ने उठाए सवाल, समान दर्शन व्यवस्था की मांग

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था एक बार फिर विवादों में आ गई है। श्रावण मास के दौरान वीआईपी एवं प्रोटोकॉल दर्शन को लेकर युवा कांग्रेस ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गले में तख्तियां पहनकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और आम श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार की मांग उठाई।
VIP और प्रोटोकॉल दर्शन पर जताई आपत्ति
युवा कांग्रेस के पदाधिकारी प्रितेश शर्मा ने आरोप लगाया कि श्रावण मास में प्रोटोकॉल दर्शन बंद होने की घोषणा के बावजूद कथित रूप से वीआईपी और प्रभावशाली लोगों को नंदी हॉल तथा चांदी द्वार से विशेष प्रवेश दिया जा रहा है। उनका दावा है कि कुछ लोगों को गर्भगृह तक जाने की अनुमति भी मिल रही है, जबकि आम श्रद्धालुओं को घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।
तख्तियां पहनकर दर्ज कराया विरोध
युवा कांग्रेस कार्यकर्ता गले में तख्तियां पहनकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। तख्तियों पर “VIP संस्कृति बंद करो” और “सभी श्रद्धालुओं के लिए समान दर्शन व्यवस्था लागू करो” जैसे संदेश लिखे थे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंदिर में दर्शन व्यवस्था सभी श्रद्धालुओं के लिए एक समान होनी चाहिए।
भस्म आरती पास वितरण में पारदर्शिता की मांग
युवा कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि यदि श्रावण मास में विशेष दर्शन व्यवस्था बंद है, तो उसका पालन सभी पर समान रूप से किया जाए। साथ ही भस्म आरती के पास वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह सार्वजनिक करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दर्शन व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
पहले भी दिया था ज्ञापन
पदाधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण अब जनसुनवाई के माध्यम से दोबारा शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।



