अपराधियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा: 41 जगहों पर नाकेबंदी, वाहन चोर और चाकूधारी गिरफ्तार

कमिश्नरेट और ग्रामीण पुलिस का संयुक्त अभियान, हजारों वाहनों की जांच; चोरी की स्कूटी बरामद, यातायात नियम तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // राजधानी रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधियों, संदिग्ध वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सोमवार रात पुलिस ने बड़े पैमाने पर संयुक्त अभियान चलाया। रायपुर कमिश्नरेट और रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष नाकेबंदी कर सीमाओं से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक सघन जांच की। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले अभियान में हजारों वाहनों की जांच की गई। इस दौरान चोरी की एक स्कूटी बरामद की गई, बटनदार चाकू के साथ एक युवक गिरफ्तार हुआ और ड्रंक एंड ड्राइव सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कमिश्नरेट क्षेत्र में 41 स्थानों पर एक साथ नाकेबंदी
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर 27 जुलाई की रात 8 बजे से 11:30 बजे तक शहर के मध्य, उत्तर और पश्चिम जोन के 41 चिन्हित स्थानों पर विशेष नाकेबंदी की गई। प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पांच हजार से अधिक वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। बिना नंबर प्लेट, फैंसी नंबर प्लेट, ब्लैक फिल्म लगे वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। नियमों का उल्लंघन करने वालों के ई-चालान भी काटे गए।
नाकेबंदी में पकड़ाया वाहन चोर, चोरी की स्कूटी बरामद
अभियान के दौरान गोलबाजार क्षेत्र से चोरी हुई हीरो होंडा प्लेजर स्कूटी की सूचना सभी थानों और नाकेबंदी प्वाइंट पर भेजी गई। सूचना मिलते ही एसीसीयू और पुलिस टीम सक्रिय हो गई। नाकेबंदी से बचकर भागने की कोशिश कर रहे एक युवक को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से चोरी की स्कूटी बरामद हुई। पुलिस अब उससे अन्य वाहन चोरी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
चेकिंग के दौरान चाकू लेकर घूम रहा युवक गिरफ्तार
तेलीघानी नाका चेकिंग प्वाइंट पर पुलिस को देखकर भाग रहे 20 वर्षीय आर्यन चौहान को दौड़ाकर पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से बटनदार चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रायपुर ग्रामीण में चला ‘ऑपरेशन सेफ बॉर्डर’
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने भी शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक जिले की प्रमुख अंतरजिला सीमाओं पर ‘ऑपरेशन सेफ बॉर्डर’ चलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने सीमा क्षेत्रों में चेकिंग प्वाइंट बनाकर आने-जाने वाले वाहनों की गहन जांच की।
ड्रंक एंड ड्राइव से लेकर दस्तावेजों तक हुई जांच
अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई। इसके अलावा ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले वाहन चालकों तथा वाहन दस्तावेजों की भी जांच की गई। संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेकर उनके आवागमन का सत्यापन भी किया गया।
अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा पर पुलिस का फोकस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य केवल यातायात नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि शहर और जिले की सीमाओं से होकर गुजरने वाले अपराधियों, संदिग्ध वाहनों और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना भी था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भविष्य में भी इस तरह की विशेष नाकेबंदी, पेट्रोलिंग और जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।


