28 जुलाई महाकाल भस्म आरती: ॐ, सूर्य और चंद्र अलंकरण से सजे बाबा महाकाल, भक्तों ने किए दिव्य दर्शन

भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, पंचामृत अभिषेक और अलौकिक श्रृंगार से भक्तिमय हुआ महाकाल मंदिर
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मंगलवार तड़के भगवान महाकाल की भस्म आरती वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक और दिव्य श्रृंगार किया गया। भस्म आरती में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
जलाभिषेक और पंचामृत से हुआ महापूजन
मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान समस्त देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से महापूजन संपन्न हुआ। इसके बाद भांग, चंदन और सुगंधित द्रव्यों से भगवान का विशेष अभिषेक किया गया।
ॐ, सूर्य और चंद्र अलंकरण से निखरा दिव्य स्वरूप
भस्म आरती के अवसर पर भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। मस्तक पर ॐ, सूर्य और चंद्र का अलंकरण कर दिव्य स्वरूप सजाया गया। भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। मनोहारी श्रृंगार ने बाबा महाकाल के स्वरूप को और अधिक अलौकिक बना दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई भस्म आरती
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान और पूजन संपन्न हुआ। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान के साकार स्वरूप का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए कराया गया।
नंदी महाराज के कान में सुनाई अपनी मनोकामना
भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर शिवभक्ति और जयकारों से गुंजायमान रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन के साथ नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर वातावरण में भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।



