जनदर्शन में पहुंचे 88 आवेदन, राशन कार्ड, किसान किताब और दिव्यांग प्रमाण पत्र सहित विभिन्न समस्याओं पर सुनवाई

जांजगीर-चांपा ( शिखर दर्शन ) // कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में कुल 88 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, खाद्य, सामाजिक न्याय, नागरिक सुविधाओं तथा विभिन्न प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों में लोगों ने समाधान की मांग की।
समयबद्ध और पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे जिलेभर के आवेदक
जनदर्शन में तहसील शिवरीनारायण के ग्राम तुलसी निवासी बिसराम साहू ने किसान किताब से संबंधित समस्या के निराकरण के लिए आवेदन दिया। तहसील नवागढ़ के ग्राम जगमहंत निवासी प्रमोद कुमार ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की मांग रखी। वहीं तहसील बलौदा के ग्राम खैजा निवासी रोहित कुमार ने डिजिटल विवाह प्रमाण पत्र जारी कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। विकासखंड कोटमीसोनार की निवासी श्रीमती सुक्रिता कुर्रे ने राशन कार्ड में मुखिया का नाम परिवर्तन कराने के लिए आवेदन सौंपा।
संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना है, ताकि नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और शासन की सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।
जनता और प्रशासन के बीच संवाद का बन रहा प्रभावी माध्यम
साप्ताहिक जनदर्शन जिले में प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का प्रभावी मंच बनता जा रहा है। प्रत्येक सप्ताह बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर जनदर्शन में पहुंच रहे हैं, जिनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।



