फायर विभाग का बड़ा एक्शन: 60 से ज्यादा कोचिंग सेंटर, एकेडमी और लाइब्रेरी को नोटिस, 7 दिन में सुधार नहीं तो होगी कार्रवाई

लखनऊ अग्निकांड के बाद भोपाल में फायर ऑडिट, अधिकांश संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। नगर निगम और फायर ब्रिगेड ने शहर के कोचिंग सेंटर, अकादमियों और लाइब्रेरियों का विशेष फायर ऑडिट अभियान चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में संस्थानों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। इसके बाद नगर निगम ने 60 से अधिक कोचिंग सेंटर, एकेडमी और लाइब्रेरियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में सुधार नहीं होने पर संस्थानों को सील करने सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चार टीमों ने प्रमुख कोचिंग हब का किया निरीक्षण
फायर विभाग की चार विशेष टीमों ने एमपी नगर, इंद्रपुरी, पिपलानी, न्यू मार्केट, टीटी नगर और बैरागढ़ सहित शहर के प्रमुख कोचिंग हब में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, पानी के भंडारण, वेंटिलेशन व्यवस्था तथा आपातकालीन निकासी मार्गों की विस्तृत जांच की गई।
अधिकांश संस्थानों में मिली गंभीर लापरवाही
जांच में सामने आया कि कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरियां बिना अनिवार्य फायर एनओसी के संचालित हो रही हैं। कई भवनों में बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने तथा बाहर निकलने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता मिला। विशेषज्ञों के अनुसार आग जैसी आपात स्थिति में ऐसे भवनों में भगदड़ और बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सात दिन का अल्टीमेटम
नगर निगम के अपर आयुक्त टीवी शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें सात दिन के भीतर सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी नहीं की गईं अथवा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों को सील करने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु
- 60 से अधिक कोचिंग सेंटर, एकेडमी और लाइब्रेरियों को नोटिस जारी।
- लखनऊ अग्निकांड के बाद भोपाल में विशेष फायर ऑडिट अभियान।
- अधिकांश संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं मिली।
- कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग मिला।
- सात दिन में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश।
- नियमों का पालन नहीं करने पर संस्थानों को सील करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।



