दिल्ली

77वां गणतंत्र दिवस: पीएम मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं, बोले– भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है यह महापर्व

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष की थीम पर कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विकसित भारत के संकल्प को और सुदृढ़ करने की कामना की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह राष्ट्रीय पर्व भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है और सभी नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा व नया उत्साह भरने वाला है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है। यह पर्व हमें एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने संस्कृत श्लोक के माध्यम से स्वतंत्रता और एकता के महत्व को भी रेखांकित किया।

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष की थीम पर राष्ट्रीय समारोह

77वें गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम पर आधारित है। कर्तव्य पथ पर होने वाले इस भव्य आयोजन की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

परेड में भारत अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा। इस दौरान नई सैन्य इकाइयों और ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए हथियारों के मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे शुरू होकर लगभग 90 मिनट तक चलेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की सुरक्षा में पारंपरिक बग्घी में कर्तव्य पथ पहुंचेंगे।

राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि यह पर्व हमें अतीत, वर्तमान और भविष्य की दिशा पर चिंतन करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ भारत अपनी राष्ट्रीय नियति का निर्माता बना।

राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाए रखने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत माता के दिव्य स्वरूप की आराधना है, जो हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत करता है।

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