बिलासपुर में 100 करोड़ की लागत से बनेगा एजुकेशन सिटी, 50 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ
बिलासपुर स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के मधुबन क्षेत्र में नदी किनारे लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा। इस बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में कोचिंग सेंटर, छात्रावास, लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम जैसे कई सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
बिलासपुर स्मार्ट सिटी और नगर निगम ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार इस योजना को अंतिम रूप दे दिया है। जल्द ही एजुकेशन सिटी का कार्य शुरू होने की संभावना है। इसके पूरा होने से प्रदेश के लगभग 50 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा, साथ ही शहर के कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित स्थान मिलेगा जिससे ट्रैफिक और पार्किंग की समस्याओं में भी कमी आएगी।
बिलासपुर क्यों बना शिक्षा का केंद्र ?
बिलासपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अलग ही माहौल है। न केवल बिलासपुर संभाग, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों और अन्य राज्यों से भी छात्र यहां कोचिंग के लिए आते हैं। अनुमान है कि यहां लोक सेवा आयोग, व्यापम, आईआईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जिनमें लगभग 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
यह एजुकेशन सिटी छात्रों के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा और शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देगा।
सरकार और स्मार्ट सिटी प्रशासन का मानना है कि इस योजना से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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