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पीएम मोदी पहुंचे क्रैश साइट: अहमदाबाद विमान हादसे के ‘ग्राउंड जीरो’ का किया निरीक्षण, अस्पताल में घायलों से मिले, एकमात्र जीवित यात्री से की मुलाकात

एअर इंडिया विमान हादसा: पीएम मोदी पहुंचे घटनास्थल, 265 की मौत, जांच में अमेरिका देगा सहयोग
प्रधानमंत्री ने ग्राउंड जीरो पर स्थिति का लिया जायजा, अस्पताल में घायलों से की मुलाकात

अहमदाबाद (शिखर दर्शन) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अहमदाबाद के उस भयानक विमान हादसे की जगह पहुंचे, जहां 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट नंबर AI-171 क्रैश हो गया था। यह विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था, लेकिन टेकऑफ के महज दो मिनट बाद ही उसमें आग लग गई और वह बीजे मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की इमारत से टकरा गया। हादसे में अब तक 265 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एकमात्र जीवित यात्री भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है।

पीएम मोदी शुक्रवार सुबह 8:30 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे घटनास्थल रवाना हुए। क्रैश साइट पर उन्होंने पैदल चलकर हालात का जायजा लिया। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटिल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी मौजूद रहे। इसके बाद प्रधानमंत्री अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में बचने वाले इकलौते यात्री से भी बात की।

विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, 12 क्रू मेंबर्स समेत कुल 241 विमान यात्रियों की मौत हो गई। फ्लाइट में कुल 230 यात्री सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे। मृतकों में 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और दो नवजात थे।

हादसे का असर सिर्फ विमान यात्रियों तक सीमित नहीं रहा। विमान दुर्घटना में अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा, जहां डॉक्टरों के क्वार्टर स्थित हैं। हादसे के समय इमारत में 50 से 60 डॉक्टर मौजूद थे, जिनमें से 15 से अधिक घायल हो गए। डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने जानकारी दी कि 265 शव सिटी सिविल अस्पताल पहुंच चुके हैं। मृतकों में विमान सवारों के अलावा 4 MBBS छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी भी शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान की जा रही है।

अमेरिका करेगा जांच में सहयोग
इस भीषण दुर्घटना की जांच में अमेरिका ने मदद की पेशकश की है। अमेरिकी परिवहन सचिव सीन डफी ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) भारत के साथ मिलकर जांच कर रहा है। संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) के विशेषज्ञों को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया है। बोइंग और इंजन निर्माता GE को जांच में पहले ही शामिल कर लिया गया है। अमेरिका ने कहा है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर तथ्य की जांच की जाएगी और जरूरी सिफारिशें लागू की जाएंगी।

यह हादसा भारत के विमानन इतिहास के सबसे भीषण हादसों में गिना जा रहा है और इसकी जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

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