एसएसपी रजनेश सिंह ने कोचिंग संचालकों और प्रबंधकों के साथ की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक
कोचिंग संस्थानों को पार्किंग व ट्रैफिक नियमों के पालन के निर्देश: चेतना भवन में यातायात पुलिस ने ली बैठक, एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश
बिलासपुर (शिखर दर्शन) // वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश पर बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ एक अहम बैठक का आयोजन चेतना भवन में किया गया। इस बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे और डीएसपी शिवचरण परिहार सहित जिले के प्रमुख कोचिंग संस्थानों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य कोचिंग संस्थानों के सामने अनियंत्रित पार्किंग, सड़क पर वाहनों की भीड़, और ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर ठोस समाधान निकालना था।
एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि उनके संस्थानों में आने वाले छात्रों, टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के वाहनों की उचित पार्किंग व्यवस्था की जाए। खासकर वे कोचिंग संस्थान जो मुख्य मार्ग पर स्थित हैं, उन्हें “ड्रॉप एंड गो” क्षेत्र में वाहन खड़ा करने से सख्ती से मना किया गया।

इसके साथ ही, सभी कोचिंग संस्थानों को अपने सामने सुरक्षा गार्ड तैनात करने, नाबालिग छात्रों को वाहन से आने से रोकने, और अभिभावकों को भी इस विषय में जागरूक करने के निर्देश दिए गए। बिना लाइसेंस या कम उम्र के छात्र-छात्राओं को वाहन चलाकर आने पर कोचिंग संस्थान को हिदायत देने की बात कही गई।
कोचिंग छात्रों में ट्रैफिक जागरूकता बढ़ाने के लिए ट्रैफिक पाठशाला के तहत सेमिनार, व्याख्यान और जानकारी संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन अनिवार्य करने की बात कही गई। इसके साथ ही हर कोचिंग संस्थान को अपने प्रांगण में यातायात नियमों और चालान संबंधी जानकारी वाले फ्लेक्स और बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि छात्रों को नियमों का ज्ञान हो और वे जिम्मेदार नागरिक बनें।
एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे ने कहा कि यदि किसी संस्थान के पास पर्याप्त पार्किंग सुविधा नहीं है, तो वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, दोपहिया वाहन चलाने वाले छात्रों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट पहनने की अनिवार्यता को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कोचिंग संस्थान केवल शैक्षणिक केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज में नैतिकता और अनुशासन के आदर्श भी होते हैं। इसलिए उनके माध्यम से छात्रों को ट्रैफिक नियमों का पालन करना सिखाना आवश्यक है, जिससे युवा वर्ग को अपराध और असामाजिक गतिविधियों से दूर रखा जा सके।
बैठक के अंत में सभी कोचिंग संचालकों ने एसएसपी द्वारा दिए गए सुझावों और दिशा-निर्देशों को स्वीकार करते हुए उनका पूर्ण पालन करने की सहमति व्यक्त की।



