आत्मदाह की चेतावनी: सरकार के अल्टीमेटम के बावजूद पंचायत सचिवों की हड़ताल जारी
तखतपुर (शिखर दर्शन) // पंचायत सचिवों की हड़ताल के चलते ग्राम पंचायतों का कामकाज ठप हो गया है। प्रदेश पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर 11 हजार से अधिक सचिव पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने दो साल के भीतर नियमितीकरण का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। सचिव संघ ने सरकार के खिलाफ धरना देकर विरोध दर्ज कराया और तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश की प्रतियां जलाकर रोष प्रकट किया।
प्रदेश सचिव संघ के जिला अध्यक्ष श्याम कार्तिक जायसवाल सहित सचिवों ने चेतावनी दी है कि यदि एक अप्रैल तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मंत्रालय का घेराव करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो आमरण अनशन करेंगे और अंतिम उपाय के रूप में आत्मदाह तक की चेतावनी दी है। उन्होंने सरकार की दमनकारी नीति के सामने झुकने से इनकार किया।
ग्राम पंचायतों में काम ठप, परेशान हो रहे ग्रामीण
सचिवों की हड़ताल से ग्राम पंचायतों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास, राशन कार्ड सहित तमाम सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन रुक गया है। ग्रामीण जरूरी कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
राज्य सरकार की चेतावनी, सचिव संघ का विरोध जारी
राज्य सरकार ने सचिवों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का निर्देश दिया है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके विरोध में तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने धरना स्थल पर सरकार के आदेश की प्रतियां जलाईं और अपनी मांगों पर अड़े रहने का ऐलान किया।
“29 विभागों के काम प्रभावित” – ब्लॉक अध्यक्ष
ब्लॉक अध्यक्ष तुलसी ध्रुव के अनुसार, पंचायत सचिव 29 विभागों के 200 से अधिक कार्यों का संचालन करते हैं। हड़ताल के चलते ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य, पेयजल आपूर्ति, राशन, पेंशन सहित कई योजनाएं ठप हो गई हैं। सचिवों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी और इसका सीधा असर पंचायतों के विकास पर पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।



