बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठ पर मोदी सरकार का शिकंजा, बजट सत्र में पेश होगा नया बिल

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // मोदी सरकार 2025 के बजट सत्र में अवैध घुसपैठ और अप्रवास को नियंत्रित करने के लिए ‘अप्रवास और विदेशी विधेयक’ पेश करने जा रही है। यह विधेयक भारतीय संसद में पुराने कानूनों में संशोधन कर नया और सख्त कानून बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार का रुख सख्त हो गया है। भाजपा ने इसे अपनी प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना लिया है, खासकर पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में, जहां गैर-भा.ज.पा. सरकारें सत्ता में हैं।
विधेयक में, विदेशी अधिनियम 1946, पासपोर्ट प्रवेश अधिनियम 1920 और विदेशियों के पंजीकरण अधिनियम 1939 जैसे पुराने कानूनों में संशोधन किया जा सकता है। इस विधेयक के तहत, भारत में अप्रवासियों की गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी, ताकि अवैध घुसपैठ को नियंत्रित किया जा सके।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इस विधेयक को बजट सत्र के दौरान प्राथमिकता वाले 16 विधेयकों की सूची में शामिल किया है। इनमें वक्फ संशोधन विधेयक और वित्त विधेयक के साथ-साथ कुछ अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी शामिल हैं। हालांकि, इस विधेयक के विस्तृत विवरण की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि यह विधेयक भारत में अप्रवासियों के नियंत्रण के लिए होगा।
इस विधेयक की मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट से होने के बाद ही संसद में चर्चा के लिए पेश की जाएगी। सरकार इस विधेयक को पारित करने की पूरी कोशिश करेगी ताकि अवैध घुसपैठ पर काबू पाया जा सके और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
