घूम-घूमकर चुराते थे बाइक-स्कूटी , फिर ओडिशा में करते थे बिक्री: पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़, नाबालिग समेत 3 आरोपी गिरफ्तार , 9 वाहन जब्त !

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // राजधानी रायपुर में दोपहिया वाहन चोरी कर उन्हें दूसरे राज्य में बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक युवक, ओडिशा निवासी उसके साथी और एक नाबालिग को पकड़ा है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के 9 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रायपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से वाहन चोरी करते थे। इसके बाद चोरी की गाड़ियों को ओडिशा ले जाकर बेच दिया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वाहनों की पहचान छिपाने के लिए कुछ गाड़ियों पर ओडिशा की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
बिना दस्तावेज एक्टिवा बेचने पहुंचा, पुलिस के हत्थे चढ़ा
पुलिस को 20 अगस्त को सूचना मिली थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र के मोतीबाग स्थित एक ऑटो डील दुकान में एक व्यक्ति बिना दस्तावेज के एक्टिवा बेचने पहुंचा है। सूचना पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

पूछताछ में युवक की पहचान टोपेश्वर साहू उर्फ संजू साहू के रूप में हुई। पुलिस ने उससे एक्टिवा के दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई कागज प्रस्तुत नहीं कर सका। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन पूछताछ के दौरान उसने वाहन चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में खुली चोरी की पूरी कड़ी
पुलिस के अनुसार, टोपेश्वर ने पूछताछ में रायपुर के आजाद चौक, न्यू राजेंद्र नगर, कोतवाली, सिविल लाइन, तेलीबांधा और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों से कुल 9 दोपहिया वाहन चोरी करने की जानकारी दी।
उसने पुलिस को बताया कि चोरी के वाहन वह ओडिशा निवासी अपने साथियों को सौंपता था। इसके बाद तीनों मिलकर इन वाहनों को ओडिशा में बेचते थे।

जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ओडिशा पहुंची और भालूमुंडा में दबिश देकर सूजल मेहेर उर्फ करण और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। तीनों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर चोरी के 9 वाहन बरामद किए गए।
6 चोरी के वाहनों की पहले से दर्ज थी रिपोर्ट
पुलिस के मुताबिक, बरामद 9 वाहनों में से 6 के चोरी होने की रिपोर्ट रायपुर के कोतवाली, आजाद चौक, न्यू राजेंद्र नगर और खम्हारडीह थानों में पहले से दर्ज थी। इन मामलों में बीएनएस की धारा 303(2) और 305 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान धारा 317(2) और 3(5) भी जोड़ी गई है।
चोरी की पहचान छिपाने के लिए लगाते थे फर्जी नंबर प्लेट
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी किए गए वाहनों की पहचान बदलने के लिए कुछ गाड़ियों पर ओडिशा पासिंग की फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे। इसके बाद इन वाहनों को दूसरे राज्य में बेचने की कोशिश की जाती थी।
2023 में भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है टोपेश्वर
पुलिस के अनुसार, टोपेश्वर साहू पहले भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वर्ष 2023 में रायपुर के अलग-अलग इलाकों से 10 दोपहिया वाहन चोरी करने के मामले में न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
होटल की नौकरी के दौरान हुई थी तीनों की मुलाकात
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि टोपेश्वर की मुलाकात सूजल मेहेर उर्फ करण और नाबालिग से रायपुर के एक होटल में हुई थी। तीनों वहां वेटर के रूप में काम करते थे। बाद में उन्होंने होटल की नौकरी छोड़ दी और आपस में मिलकर दोपहिया वाहन चोरी करने तथा उन्हें बेचने का काम शुरू कर दिया।
9 वाहनों में 7 एक्टिवा और दो अन्य बाइक
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 एक्टिवा, 1 स्प्लेंडर और 1 एसएस बजाज समेत कुल 9 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। जब्त वाहनों की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई गई है।
| क्रमांक | वाहन | नंबर |
|---|---|---|
| 1 | एक्टिवा | CG 04 QT 1494 |
| 2 | एक्टिवा | CG 04 MS 6892 |
| 3 | एक्टिवा | CG 04 QM 5230 |
| 4 | एक्टिवा | CG 04 MK 1954 |
| 5 | एक्टिवा | CG 04 ME 6820 |
| 6 | एक्टिवा | CG 04 MG 2426 |
| 7 | एक्टिवा | CG 04 NX 8317 |
| 8 | स्प्लेंडर | CG 04 PZ 2261 |
| 9 | एसएस बजाज | CG 04 NK 7700 |
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच टीम गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों की बिक्री से संबंधित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।




