मध्यप्रदेश

22 अगस्त महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड, त्रिशूल और चंद्र से सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार को सावन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का त्रिपुंड, त्रिशूल और चंद्र से मनोहारी श्रृंगार किया गया। भस्म आरती के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल को भांग और चंदन अर्पित करने के साथ ही विभिन्न आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया।

भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित कर मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और विभिन्न प्रकार के पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं।

भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर बाबा महाकाल से सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजता रहा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!