खाद-बीज के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष के नारेबाजी के बीच कई विधायक स्वतः निलंबित

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने शून्यकाल के दौरान स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार पर किसानों की उपेक्षा और खाद-बीज की कमी का आरोप लगाया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह तक पहुंच गए, जिसके बाद विधानसभा नियमों के तहत संबंधित सदस्य स्वतः निलंबित हो गए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश के किसान खाद के लिए परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की कमी के कारण किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और निजी व्यापारियों द्वारा उनका शोषण किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।
जवाब में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले लगभग 90 प्रतिशत उर्वरकों तथा 96 प्रतिशत बीज का भंडारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक उर्वरकों की भी पर्याप्त उपलब्धता है और अमानक खाद बेचने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह तक पहुंच गए। विधानसभा के नियमों के अनुसार गर्भगृह में प्रवेश करने वाले सदस्यों को स्वतः निलंबित माना गया। इसके बाद विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।



