अन्तर्राष्ट्रीय

फ्लाईदुबई विमान घटना पर AQAP का वैचारिक समर्थन, नाकाम कोशिश को 9/11 से जोड़कर किया महिमामंडित

अल कायदा की यमन शाखा के मुखपत्र में को-पायलट की कथित कार्रवाई की तारीफ, विमान हाईजैक करने की कोशिश से जुड़े मामले की जांच जारी

दुबई ( शिखर दर्शन ) // फ्लाईदुबई की एक उड़ान में कॉकपिट के भीतर हुई कथित हिंसक घटना को लेकर अब अल कायदा की यमन स्थित शाखा AQAP से जुड़े प्रचार तंत्र की प्रतिक्रिया सामने आई है। संगठन के अनौपचारिक मुखपत्र ‘अल बयान’ में घटना पर संपादकीय प्रकाशित कर को-पायलट की कथित कार्रवाई का समर्थन किया गया है। लेख में इस घटना की तुलना 9/11 हमलों से करते हुए इसे वैचारिक तौर पर सही ठहराने की कोशिश की गई है।

AQAP के मुखपत्र में प्रकाशित संपादकीय का शीर्षक ‘Between September 11 and September 30’ बताया गया है। इसमें फ्लाईदुबई की उड़ान को लेकर हुई घटना को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ हिंसक कार्रवाई के संदर्भ में पेश किया गया है। हालांकि, AQAP ने इस घटना की सीधे तौर पर जिम्मेदारी लेने का दावा नहीं किया है।

को-पायलट की कथित कार्रवाई का समर्थन

रिपोर्ट के मुताबिक, संपादकीय में ओमान के को-पायलट की कथित कार्रवाई की प्रशंसा की गई है। संगठन के प्रचार माध्यम ने दावा किया कि अगर विमान पर कब्जे की कोशिश सफल होती तो क्षेत्र में शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता था।

मुखपत्र में फ्लाईदुबई की संबंधित उड़ान की तस्वीरें भी प्रकाशित किए जाने की बात सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर भी नजर रख रही हैं कि AQAP ने सीधे जिम्मेदारी लेने के बजाय घटना को वैचारिक समर्थन देने का रास्ता क्यों अपनाया।

सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच

घटना के बाद आरोपी बताए जा रहे ओमानी को-पायलट के सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। घटना के कुछ घंटे बाद उसके एक सोशल मीडिया अकाउंट से दो पोस्ट साझा किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां इन गतिविधियों और घटना के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।

कॉकपिट में कप्तान पर हमले का आरोप

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 इजरायल के लिए रवाना हुई थी। आरोप है कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने कॉकपिट में क्रैश ऐक्स से कप्तान पर हमला किया।

रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित को-पायलट को इससे पहले कथित कट्टरपंथी विचारों के चलते ओमान में उड़ान संचालन से प्रतिबंधित किया गया था। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों और दावों की आधिकारिक जांच जारी है।

9/11 का संदर्भ देकर हिंसा को सही ठहराने की कोशिश

AQAP के मुखपत्र में 9/11 हमलों का संदर्भ देकर फ्लाईदुबई की घटना को वैचारिक रूप से सही ठहराने की कोशिश की गई है। लेख में गैर-मुस्लिम लोगों द्वारा अमेरिका और इजरायल को निशाना बनाए जाने की बात भी कही गई है।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस पूरे घटनाक्रम में AQAP की भूमिका, आरोपी के कथित कट्टरपंथी संबंधों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच अहम मानी जा रही है। फिलहाल संगठन की ओर से घटना की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की गई है।

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