19 साल से बिलासपुर में रह रहा था बांग्लादेशी नागरिक, STF ने दबोचा; फर्जी भारतीय दस्तावेज मिलने का दावा
सीपत की निजी कंपनी में करता था लिफ्ट मेंटनेंस का काम, आधार-पैन से लेकर पासपोर्ट और वोटर आईडी तक दस्तावेज बरामद; डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में विशेष टास्क फोर्स (STF) और जिला विशेष शाखा की संयुक्त टीम ने भारत में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 19 वर्षों से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत स्थित एक निजी कंपनी में लिफ्ट मेंटनेंस का काम कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से भारतीय पहचान से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ में इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार करने का पुलिस ने दावा किया है।
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) //
20 दिन पहले पूछताछ के दौरान पुलिस से भाग गया था
पुलिस के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में कार्रवाई के दौरान अतीक हुसैन से भी पूछताछ की गई थी। इसी दौरान वह मौके से भाग गया था। इसके बाद STF की टीम उसकी तलाश के साथ उसके संभावित ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही थी।
STF निरीक्षक संजय शिंदे को उसके सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रहने की सूचना मिली। इसके बाद टीम ने उसके संभावित ठिकानों और आने-जाने की गतिविधियों पर निगरानी रखी।
सुबह 5 बजे किराये के मकान में दबिश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन और STF की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मीत कौर चावला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 24 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे सूर्या विहार कॉलोनी स्थित किराये के मकान में दबिश दी।
पुलिस के अनुसार, अतीक हुसैन इसी मकान में रह रहा था। इससे पहले वह सरकंडा के बंगालीपारा, गली नंबर-3 में भी रह चुका था।
कार्रवाई में STF निरीक्षक संजय शिंदे के साथ जिला विशेष शाखा के उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह, आरक्षक कमल साहू और आरक्षक अभिषेक यादव शामिल रहे।
2005 में बांग्लादेश से भारत आने का दावा
पुलिस पूछताछ में अतीक ने बताया कि वह वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आया था। पुलिस के अनुसार, 2005 से 2007 तक वह तमिलनाडु में रहा और इसके बाद वर्ष 2007 में बिलासपुर आ गया।
पुलिस का कहना है कि बिलासपुर आने के बाद अतीक NTPC सीपत में BECO LIFTS PRIVATE LIMITED में लिफ्ट मेंटनेंस का काम कर रहा था।
आधार, पैन, वोटर आईडी और पासपोर्ट समेत दस्तावेज मिले
पुलिस के अनुसार किराये के मकान में पूछताछ के दौरान अतीक के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इनमें इंडियन पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और 9वीं कक्षा की अंकसूची शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान अतीक ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाना स्वीकार किया है। हालांकि, दस्तावेजों की वैधानिकता, उनके निर्माण और इस्तेमाल से जुड़े पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू
बिलासपुर पुलिस ने अतीक हुसैन को बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, प्रक्रिया पूरी होने तक उसे रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है। संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी मामले की जानकारी देने की कार्रवाई की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। इसके लिए पुलिस ने टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है।
पुलिस के अनुसार, किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर नागरिक पुलिस को सूचना दे सकते हैं। पुलिस ने कहा है कि अवैध रूप से निवास करने वाले व्यक्तियों और बिना वैध दस्तावेजों के रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



