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31 बाइक पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 28 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त; अब न्यायालय में पहुंचेगा मामला

शहर की सड़कों पर गूंजने वाली कर्कश आवाजों पर पुलिस का शिकंजा, खरीद-बिक्री और गैराज में साइलेंसर लगाने वालों पर भी नजर

शहर की सड़कों पर मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज और कर्कश आवाजों के खिलाफ यातायात पुलिस ने सख्त अभियान शुरू किया है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनैश सिंह के दिशा-निर्देश पर यातायात पुलिस बिलासपुर ने बुलेट समेत अन्य दोपहिया वाहनों की जांच कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। अभियान के दौरान कुल 31 बाइक पर कार्रवाई की गई, जिनमें 28 बाइक मॉडिफाइड साइलेंसर लगी हुई पाई गईं। पुलिस के अनुसार सभी प्रकरण न्यायालय भेजे जा रहे हैं।

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) //

यातायात पुलिस की कार्रवाई केवल सड़क पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं है। पुलिस ने ऐसे साइलेंसर की खरीद-बिक्री, वाहनों में उनकी असेंबलिंग तथा गैराज में वाहनों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने वालों पर भी निगरानी बढ़ा दी है।

शहर के सभी यातायात बीट क्षेत्रों में जांच

यातायात पुलिस के अनुसार शहर के सभी यातायात बीट क्षेत्रों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। जांच के दौरान वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

पुलिस की विशेष नजर उन वाहनों पर है, जिनमें कंपनी से मिले मूल साइलेंसर को हटाकर ऐसे साइलेंसर लगाए गए हैं, जिनसे सामान्य वाहन की तुलना में अत्यधिक तेज, कर्कश और अचानक आवाज निकलती है।

ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी पुलिस सख्त

पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज को ध्वनि प्रदूषण से जोड़ते हुए कहा है कि इस तरह की आवाजें आम नागरिकों के लिए असुविधा का कारण बनती हैं। अचानक तेज और कर्कश आवाज से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा बीमार लोगों को परेशानी हो सकती है।

यातायात पुलिस का कहना है कि ऐसी आवाजों से लोगों को शारीरिक एवं मानसिक असुविधा होने के साथ ही शांतिपूर्ण आवागमन में भी व्यवधान उत्पन्न होता है।

मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने वाली दुकानों पर भी नजर

यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा शहर में मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने वाली दुकानों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। दुकानदारों को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई है कि मॉडिफाइड साइलेंसर की बिक्री करते पाए जाने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार ऐसी स्थिति में नगर निगम एक्ट के तहत दुकान सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा नागरिकों को तेज और कर्कश आवाज से असुविधा पहुंचाने अथवा शांतिपूर्ण आवागमन में व्यवधान उत्पन्न करने की स्थिति में अन्य विधिसंगत कार्रवाई भी की जा सकती है।

बाहर से साइलेंसर मंगाने वालों की भी जानकारी जुटा रही पुलिस

पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बिलासपुर शहर की दुकानों तक सीमित नहीं रखा है। शहर के बाहर से मॉडिफाइड साइलेंसर मंगाने और उनकी खरीद-बिक्री में शामिल लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति अवैध अथवा अनधिकृत तरीके से मॉडिफाइड साइलेंसर का क्रय-विक्रय करता पाया जाएगा या वाहनों में उनकी असेंबलिंग करता है, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गैराज संचालकों को भी दी गई चेतावनी

मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने में गैराज संचालकों की भूमिका को लेकर भी यातायात पुलिस ने सख्ती दिखाई है। शहर के गैराज संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वाहनों में इस तरह की छेड़छाड़ या अनधिकृत बदलाव न किया जाए।

पुलिस के अनुसार किसी गैराज संचालक द्वारा मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए जाने की जानकारी सामने आने पर उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रेशर हॉर्न और कर्कश साइलेंसर भी पुलिस के रडार पर

यातायात पुलिस ने कार्रवाई का दायरा केवल मॉडिफाइड साइलेंसर तक सीमित नहीं रखा है। प्रेशर हॉर्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और अत्यधिक तीव्र एवं कर्कश आवाज पैदा करने वाले अन्य उपकरण भी जांच के दायरे में हैं।

वाहन जांच के दौरान ऐसे उपकरण पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

31 बाइक पर कार्रवाई, 28 में मॉडिफाइड साइलेंसर

कुल बाइक पर कार्रवाई – 31

मॉडिफाइड साइलेंसर युक्त बाइक – 28

कार्रवाई का आधार – मोटर व्हीकल एक्ट

आगे की प्रक्रिया – प्रकरण न्यायालय भेजे जा रहे हैं

कार्रवाई लगातार जारी रहेगी

यातायात पुलिस बिलासपुर ने स्पष्ट किया है कि मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। शहर के अलग-अलग यातायात बीट क्षेत्रों में ऐसे वाहनों की पहचान और जांच की जा रही है।

पुलिस की निगरानी वाहन चालकों के साथ-साथ मॉडिफाइड साइलेंसर की बिक्री, खरीद, असेंबलिंग और गैराज स्तर पर किए जाने वाले वाहन संशोधन तक विस्तारित है। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग नहीं करने की अपील की है, ताकि कार्रवाई और उसके बाद न्यायालय की प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।

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