मध्य प्रदेश के 37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा, इंदौर-उज्जैन-जबलपुर पिछड़े; भोपाल में 4 साल का रिकॉर्ड टूटा

15 से 17 सितंबर तक कई जिलों में हल्की बारिश के आसार, अति भारी बारिश का अनुमान नहीं
भोपाल ( शिखर दर्शन ) //
मध्यप्रदेश में मानसून का दौर जारी है, लेकिन बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक सीजन की कुल औसत बारिश का करीब 88 प्रतिशत हिस्सा ही पूरा हो पाया है, जो सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत कम है।
37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा
प्रदेश के 37 जिलों में अब भी बारिश का कोटा अधूरा है। खासतौर पर पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का आंकड़ा पिछड़ा हुआ है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित कई प्रमुख संभागों के जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 32 जिलों में सामान्य से 2 प्रतिशत से लेकर 49 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में स्थिति बेहतर
पश्चिमी हिस्से की तुलना में पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की स्थिति बेहतर बनी हुई है।
- निवाड़ी: सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
- मऊगंज: सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
भोपाल में 4 साल बाद सितंबर में रिकॉर्ड बारिश
एक ओर जहां प्रदेश के 37 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं राजधानी भोपाल में मानसून मेहरबान बना हुआ है। भोपाल में चार साल बाद सितंबर महीने में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। इस सितंबर में अब तक राजधानी में 7 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।
अगले 4 दिन अति भारी बारिश के आसार नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 15 से 17 सितंबर के दौरान प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में अति भारी बारिश का अनुमान नहीं जताया गया है।



